बलरामपुर, विष्णु पांडेय। पीवी ऐप की व्यावहारिक समस्याओं, वेतन विसंगति और पदोन्नति सहित लंबित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ राजस्व पटवारी संघ का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है। सोमवार को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर जहां जिले में राज्योत्सव मनाया जा रहा था, वहीं पटवारी अपनी मांगों और शासन की कार्रवाई के विरोध में धरने पर बैठे रहे। इस दौरान उन्होंने निलंबन आदेशों की प्रतियां जलाकर विरोध जताया। पटवारियों का कहना है कि मांगों का निराकरण करने के बजाय शासन उनके खिलाफ कार्रवाई कर आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहा है।
150 पटवारियों को शो-कॉज नोटिस, निलंबन की कार्रवाई भी
पटवारियों की हड़ताल के बीच शासन ने उन्हें काम पर लौटने के निर्देश जारी किए हैं। संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा ने सरगुजा संभाग के सभी छह जिलों के एसडीएम को हड़ताल पर गए पटवारियों को नोटिस जारी कर तत्काल कर्तव्य पर उपस्थित होने के निर्देश देने को कहा है। निर्धारित तिथि पर मुख्यालय में उपस्थिति नहीं देने और स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करने पर एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। बलरामपुर जिले के 150 पटवारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किए गए हैं।
मुख्यालय में निवास नहीं करने के कारण पहले वाड्रफनगर के पांच पटवारियों के निलंबन की कार्रवाई की गई थी। इसके बाद रामानुजगंज एसडीएम ने तीन पटवारियों को निलंबित किया है। इनमें रामानुजगंज की पटवारी रिनू पटेल तथा रामचंद्रपुर के पटवारी अनिल भगत और रजनी सरोज खलखो शामिल हैं। वहीं कुसमी क्षेत्र से भी तीन पटवारियों के निलंबन की सूचना संघ को मिली है।
धान गिरदावरी और डिजिटल क्रॉप सर्वे का काम प्रभावित
पटवारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से धान गिरदावरी, डिजिटल क्रॉप सर्वे और राजस्व विभाग से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। एक ओर शासन की ओर से काम पर लौटने का दबाव बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पटवारी संघ अपनी मांगों के निराकरण तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहा है।
राजस्व पटवारी संघ के प्रांतीय प्रवक्ता विनय पांडेय ने कहा कि धान गिरदावरी और पीवी ऐप में आ रही समस्याओं सहित अन्य मांगों को लेकर संघ ने 13 अक्टूबर से आंदोलन शुरू किया था। उनका कहना है कि शासन ने मांगों पर चर्चा करने के बजाय 1 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रांताध्यक्ष को निलंबित कर दिया। इसके बाद जिले के अध्यक्ष धीरेन्द्र उर्मालिया सहित चार अन्य पटवारियों पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई। अब कुसमी क्षेत्र के तीन पटवारियों के निलंबन की सूचना मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन मांगों का समाधान करने के बजाय लगातार कार्रवाई कर रहा है। राज्योत्सव के बीच पटवारी और उनके परिवार निलंबन की कार्रवाई का सामना कर रहे हैं।
पदोन्नति और वेतन विसंगति दूर करने की मांग
संघ के जिलाध्यक्ष धीरेन्द्र उर्मालिया ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में पीवी ऐप की समस्याओं का समाधान, वेतन विसंगति दूर करना, राजस्व निरीक्षक (आरआई) पद पर पदोन्नति और निलंबित पटवारियों की बहाली शामिल है। उन्होंने कहा कि पटवारी के पद पर भर्ती होने वाले कर्मचारी कई बार उसी पद से सेवानिवृत्त हो जाते हैं, जबकि राजस्व विभाग के अन्य कर्मचारियों को पदोन्नति के अवसर मिलते हैं। पटवारियों को भी सेवा के दौरान आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।

बलरामपुर राजस्व पटवारी संघ की तहसील अध्यक्ष सुरभि दास ने कहा कि पीवी ऐप में तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं के कारण किसानों को भी परेशानी हो रही है। किसान जब समस्या लेकर फोन करते हैं तो पटवारियों के पास अपने लॉगिन आईडी में उसका समाधान करने का विकल्प उपलब्ध नहीं होता। ऐसे में किसानों को जवाब देना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने वेतन विसंगति और पदोन्नति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उनके पिता भी राजस्व विभाग में पटवारी के पद पर भर्ती हुए थे और उसी पद से सेवानिवृत्त हुए। उनका कहना है कि पटवारी के पद पर नियुक्ति के बाद पदोन्नति के सीमित अवसर होने से कर्मचारियों की सेवा में प्रगति प्रभावित होती है।
उल्लेखनीय हैं कि, शासन और पटवारी संघ के बीच मांगों को लेकर गतिरोध बना हुआ है। एक तरफ प्रशासन काम पर लौटने के निर्देश और कार्रवाई कर रहा है, तो दूसरी तरफ संघ अपनी मांगों के निराकरण और निलंबित पटवारियों की बहाली को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए है।
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