सरायकेला। झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में महिला फरियादी के साथ दुष्कर्म के गंभीर मामले में पुलिस विभाग के भीतर बड़ी कार्रवाई की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मनोज स्वर्गियारी ने लगातार दूसरे दिन भी सख्त कदम उठाए। अब तक थाना प्रभारी समेत 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है, जबकि निलंबित छह पुलिसकर्मियों में से दो को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शनिवार को निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में से एसआई मनोज कुमार साहू और हवलदार संतोष कुमार राय को गिरफ्तार किया है। वहीं, रविवार को अनुशासनहीनता और घटना की जानकारी समय पर वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं देने के आरोप में गम्हरिया थाना के नौ अन्य पुलिसकर्मियों को भी निलंबित कर दिया गया। इनमें एसआई अजय पासवान और ललन रविदास, एएसआई विश्व उरांव, मुकेश कुजूर, मुकेश रविदास और सीताराम सिंह पाहन, हवलदार पितांबर महतो और बहादुर हांसदा तथा आरक्षी मनोज गोराई शामिल हैं।
दो दिनों में 15 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, एसआई और हवलदार गिरफ्तार
इससे पहले शनिवार को थाना प्रभारी संजय प्रसाद, पुलिस अवर निरीक्षक अनिरुद्ध सिंह, एसआई मनोज कुमार साहू, आरक्षी संतोष राय, हवलदार मुनेश्वर कुमार और आरोपित वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा को निलंबित किया गया था। इनमें से एसआई मनोज कुमार साहू और हवलदार संतोष कुमार राय को एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया है।
बताया जा रहा है कि रविवार को निलंबित किए गए नौ पुलिसकर्मी उस कमरे के ठीक ऊपर स्थित कमरों में रहते थे, जहां महिला के साथ कथित घटना हुई थी। घटना की जानकारी होने के बावजूद वरिष्ठ अधिकारियों को समय पर सूचना नहीं देने और अनुशासनहीनता के आरोप में इनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
थाना प्रभारी बदले गए, एसपी ने खुद पहुंचकर की जांच
लगातार हो रही कार्रवाई के बीच गम्हरिया थाना के नए प्रभारी के रूप में राजेश टुडू को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने रविवार को थाने पहुंचकर कार्यभार संभाल लिया।
इधर, एसपी मनोज स्वर्गियारी स्वयं पुलिस बल के साथ गम्हरिया थाना पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों से अलग-अलग बंद कमरों में पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। एसपी ने कहा कि एसआईटी मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। घटना में किसी की भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि गम्हरिया थाना में पदस्थापित वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा पर थाना परिसर में महिला फरियादी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। इस मामले ने पुलिस थानों में महिलाओं की सुरक्षा और पुलिसकर्मियों के आचरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एसपी की दो टूक चेतावनी, नशे में मिले तो बर्खास्तगी की अनुशंसा
घटना के बाद एसपी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को थानों की 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ड्यूटी के दौरान या थाना परिसर में शराब अथवा किसी अन्य नशे की हालत में पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सीधे सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की जाएगी।
थाना प्रभारियों को अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों की उपस्थिति, व्यवहार और कार्यशैली पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। एसपी ने स्पष्ट किया है कि थानों में अनुशासनहीनता और लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महिला फरियादियों की शिकायत प्राथमिकता से दर्ज करने का आदेश
एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को महिला फरियादियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है। महिलाओं की शिकायतें प्राथमिकता के आधार पर बिना देरी दर्ज करनी होंगी। पूछताछ के दौरान महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी अनिवार्य रहेगी। साथ ही किसी भी महिला शिकायतकर्ता को बिना वजह थाने में बैठाकर रखने पर रोक लगाई गई है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी महिला के साथ दुर्व्यवहार, दबाव बनाने या अभद्र टिप्पणी की शिकायत मिलने पर संबंधित पुलिसकर्मी के साथ थाना प्रभारी की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
गम्हरिया थाना परिसर में हुई इस घटना ने पूरे पुलिस महकमे को कठघरे में खड़ा कर दिया है। एक महिला जिस थाने में अपनी फरियाद लेकर पहुंची थी, उसी परिसर में उसके साथ गंभीर अपराध का आरोप लगा है। अब एसआईटी की जांच और पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
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