
रांची। Third Jharkhand Minister Death की खबर ने झारखंड की राजनीति को झकझोर दिया है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के कद्दावर नेता सुदिव्य कुमार सोनू का शनिवार देर रात हार्ट अटैक से निधन हो गया। गिरिडीह स्थित आवास पर तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन उन्हें तत्काल मर्सी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के साथ ही पिछले करीब तीन साल में शिक्षा विभाग से जुड़े पद पर रहते तीसरे मंत्री की मौत हुई है।
तीन साल में तीसरे मंत्री की मौत से झारखंड में शोक
झारखंड में पिछले तीन साल के भीतर कार्यकाल के दौरान शिक्षा विभाग से जुड़े तीसरे मंत्री का निधन हुआ है। इससे पहले स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री जगन्नाथ महतो का 6 अप्रैल 2023 को निधन हुआ था। (Third Jharkhand Minister Death) इसके बाद स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री रामदास सोरेन ने 15 अगस्त 2025 को दिल्ली में इलाज के दौरान दम तोड़ा था। अब उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन से यह सिलसिला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
Third Jharkhand Minister Death पर CM हेमंत सोरेन भावुक
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर गहरा दुख जताया। (Third Jharkhand Minister Death) उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि देर रात अपने बड़े भाई सुदिव्य कुमार सोनू के निधन का दुखद समाचार मिला और इस खबर को स्वीकार कर पाना बेहद कठिन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोनू भैया सिर्फ वरिष्ठ साथी या राजनीतिक सहकर्मी नहीं थे, बल्कि स्नेह देने वाले, मार्गदर्शन करने वाले और हर कठिन समय में मजबूती से साथ खड़े रहने वाले बड़े भाई की तरह थे। (Third Jharkhand Minister Death) उन्होंने कहा कि सोनू कुमार के साथ बिताए पल और उनसे मिली सीख हमेशा उनके साथ रहेंगी।
झारखंड आंदोलन के दौर से JMM के साथ रहे
हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड आंदोलन के दौर से ही सुदिव्य कुमार सोनू दिशोम गुरुजी के साथ पूरी निष्ठा और मजबूती से खड़े रहे। (Third Jharkhand Minister Death) झामुमो के समर्पित सिपाही के रूप में उन्होंने अपना पूरा जीवन झारखंड की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई को समर्पित किया।
CM ने कहा कि झारखंडियत के प्रति उनका समर्पण और जुझारू भावना हमेशा याद की जाएगी। (Third Jharkhand Minister Death) उन्होंने सुदिव्य कुमार सोनू के निधन को अपनी व्यक्तिगत क्षति बताया और कहा कि उनकी कमी हमेशा महसूस होगी।
बेटे की शादी की तैयारी थी, कई काम अधूरे रह गए
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद उनके करीबियों में गहरा शोक है। नेताओं ने बताया कि हाल ही में सोनू ने अपने बेटे की शादी को लेकर भी चर्चा की थी। (Third Jharkhand Minister Death) अचानक उनके चले जाने से परिवार और राजनीतिक जीवन से जुड़े कई काम अधूरे रह गए हैं। उनके सहयोगियों ने कहा कि उनके अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
गिरिडीह से लगातार दो बार विधायक बने थे सोनू
सुदिव्य कुमार सोनू गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे। (Third Jharkhand Minister Death) उन्होंने 2019 में पहली बार गिरिडीह सदर सीट से विधानसभा चुनाव जीता था। इसके बाद 2024 में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की और हेमंत सोरेन सरकार में कैबिनेट मंत्री बने।

मंत्री पद संभालते हुए कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी उनके पास थी। (Third Jharkhand Minister Death) शिक्षा से जुड़े विभाग के साथ सरकार में उनकी राजनीतिक और संगठनात्मक भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जाती थी।
संघर्ष से बनाई थी अलग पहचान
सुदिव्य कुमार सोनू की पहचान झामुमो के संघर्षशील और जानकार नेताओं में होती थी। (Third Jharkhand Minister Death) उनके सहयोगियों के मुताबिक वह समय पड़ने पर कड़े फैसले लेने के लिए भी जाने जाते थे। लंबे राजनीतिक संघर्ष के बाद उन्होंने गिरिडीह से लगातार दो चुनाव जीते और राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री तक का सफर तय किया।

Third Jharkhand Minister Death का यह मामला एक बार फिर झारखंड की राजनीति में शिक्षा विभाग से जुड़े मंत्रियों के कार्यकाल के दौरान हुई असामयिक मौतों को चर्चा में ले आया है। सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से झामुमो, सरकार और उनके समर्थकों के बीच गहरा शोक है।
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