
नई दिल्ली। वैश्विक संकट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच देश में पेट्रोल और डीजल के दामों में सोमवार को एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की है।
पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब ईंधन की कीमतों में इजाफा हुआ है। लगातार बढ़ रही कीमतों से आम लोगों, यात्रियों और परिवहन क्षेत्र पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।
कीमतों में बढ़ोतरी से पहले दिल्ली में पेट्रोल 99.51 रुपए प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपए प्रति लीटर बिक रहा था। नई बढ़ोतरी के बाद राजधानी में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपए और डीजल 95.20 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है।
लगातार महंगे होते ईंधन का असर अब सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ने लगा है। परिवहन लागत बढ़ने से टैक्सी, ऑटो और माल ढुलाई सेवाओं के किराए में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से महंगाई पर व्यापक असर पड़ सकता है।
इससे पहले 23 मई को भी सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। बताया जा रहा है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण तेल कंपनियां धीरे-धीरे बढ़ी हुई लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर डाल रही हैं।
15 मई से शुरू हुई मूल्य वृद्धि के बाद भाजपा नेताओं ने फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत में आम नागरिकों पर अपेक्षाकृत कम बोझ पड़ा है। हालांकि लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर विपक्ष और आम लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
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