
नई दिल्ली। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके शनिवार सुबह अमेरिका से दिल्ली पहुंचे। सुबह करीब 7:45 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के बाद वे लगभग एक घंटे तक एयरपोर्ट के अंदर रहे। हालांकि, बाहर आने में हुई देरी की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही उन्होंने हाथ में डॉ. भीमराव अंबेडकर की किताब उठाई और सीधे जंतर-मंतर के लिए रवाना हो गए।
जंतर-मंतर पर CJP का यह पहला बड़ा प्रदर्शन है। पार्टी ने यह प्रदर्शन NEET-UG पेपर लीक, CBSE, CUET और SSC-GD जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आयोजित किया है। प्रदर्शन के जरिए पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।
एयरपोर्ट के बाहर मीडिया से बातचीत में अभिजीत दीपके ने कहा कि देश में छात्र लगातार दबाव और अव्यवस्था का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियों के कारण छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। दीपके ने कहा, “शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। अब तक कई छात्र आत्महत्या कर चुके हैं।”
प्रदर्शन को लेकर CJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति दे दी है। पार्टी ने अपने समर्थकों से सीधे जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की। पोस्ट में लिखा गया, “कॉकरोच आ रहे हैं, धर्मेंद्र प्रधान जा रहे हैं।”
हालांकि, दूसरी ओर दिल्ली पुलिस का कहना है कि 6 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए अब तक कोई आधिकारिक आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। इसके बावजूद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजधानी में एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
CJP ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले समर्थकों के लिए एक गाइडलाइन भी जारी की है। इसमें लोगों से सनस्क्रीन लगाकर आने, नाश्ता करके पहुंचने, हाथ में तिरंगा, फूल और किताब रखने जैसी अपील की गई है।
पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि अभिजीत दीपके के दिल्ली पहुंचने के बाद आंदोलन को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि पहले पुलिस से औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी, जिसके बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू होगा।
इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट ने CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन से जुड़ी जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदर्शनकारियों को एयरपोर्ट बाधित करने और पेपर स्प्रे व डंडे रखने के लिए उकसाया जा रहा है। एनजीओ ‘सेव इंडिया फाउंडेशन’ ने अदालत से सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की थी।
CJP के आंदोलन को सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक, अभिनेता अतुल कुलकर्णी और दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) के पूर्व अध्यक्ष रौनक खत्री सहित कई लोगों का समर्थन मिला है। सोनम वांगचुक के भी जंतर-मंतर पहुंचने की संभावना जताई गई है।
दरअसल, इस पूरे आंदोलन की शुरुआत 15 मई को हुई एक टिप्पणी के बाद हुई। भारत के मुख्य न्यायाधीश ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि “कॉकरोच की तरह ऐसे युवा हैं, जिन्हें रोजगार नहीं मिल रहा और वे एक्टिविस्ट बन रहे हैं।” इसी बयान के अगले दिन, 16 मई को अमेरिका में रह रहे अभिजीत दीपके ने इंस्टाग्राम पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से एक मंच बनाया। देखते ही देखते यह प्लेटफॉर्म सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
30 वर्षीय अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के संभाजीनगर के रहने वाले हैं। उन्होंने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वर्तमान में अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स कर रहे हैं। वे 2020 से 2022 तक आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट भी रह चुके हैं। दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान उन्होंने AAP के लिए मीम आधारित डिजिटल कैंपेन तैयार किए थे। किसान आंदोलन, महंगाई और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर भी वे सोशल मीडिया के जरिए केंद्र सरकार पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं।
शुरुआत में मजाक के तौर पर शुरू हुआ यह अभियान अब युवाओं की बेरोजगारी, परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली को लेकर असंतोष का प्रतीक बनता जा रहा है।
इसे भी पढ़ें………..
कलेक्टर लेटरहेड मामला : डीईओ की मुश्किलें बढ़ीं, कलेक्टर के बाद संयुक्त संचालक ने भी जारी किया नोटिस

