
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर-रामानुजगंज मार्ग स्थित नीलकंठपुर मोड़ के समीप सड़क किनारे बड़ी मात्रा में चना पैकेट मिलने की खबर को ऑफबीट न्यूज द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया। मामले को गंभीरता से लेते हुए खाद्य विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और प्रारंभिक तथ्य सामने रखे हैं।
खाद्य अधिकारी के अनुसार विभिन्न मीडिया माध्यमों से सड़क किनारे गरीबों के लिए भेजे गए चना पैकेट फेंके जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही खाद्य विभाग ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश दिए। इसके बाद खाद्य निरीक्षक रामानुजगंज एवं संबंधित पटवारी द्वारा ग्राम पंचायत कलिकापुर के नीलकंठपुर मोड़ के पास घटनास्थल का निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान मौके पर लगभग 15 बोरी के बराबर एक-एक किलोग्राम पैक चना सड़ी-गली अवस्था में पाया गया। पैकेटों पर सितंबर 2024 की पैकिंग तिथि अंकित मिली। संयुक्त जांच दल ने आसपास के ग्रामीणों से भी पूछताछ की, लेकिन किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा चना फेंके जाने संबंधी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी।
अधिकारियों ने मौके पर उपलब्ध चना पैकेटों का परीक्षण किया, जिसमें यह पाया गया कि चना सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से वितरित किए जाने वाला था। जांच के दौरान आवश्यक साक्ष्य संकलित करते हुए पंचनामा कार्रवाई भी की गई।
जांच उपरांत मौके पर मिले चना पैकेटों को ग्राम पंचायत कलिकापुर के रोजगार सहायक को सुपुर्द कर दिया गया है। खाद्य विभाग ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है तथा नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पीडीएस वितरण में गड़बड़ी की पुष्टि नहीं
जिला प्रशासन ने अपने पक्ष में स्पष्ट किया है कि अब तक की जांच में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत चना वितरण में किसी प्रकार की गड़बड़ी अथवा खाद्यान्न की कमी की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन का कहना है कि पात्र हितग्राहियों को नियमित रूप से राशन एवं खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है और पूरे मामले की निगरानी की जा रही है।
अज्ञात के खिलाफ एफआईआर के निर्देश
प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सड़क किनारे मिले चना पैकेट वहां तक कैसे पहुंचे और उन्हें किसने फेंका। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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