
हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग के युवा अधिवक्ता वीरेंद्र विक्रम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए भारत और झारखंड का गौरव बढ़ाया है। पेरिस में आयोजित प्रतिष्ठित Summer School on Law कार्यक्रम के लिए दुनिया भर से चयनित 20 युवा वकीलों में उनका भी चयन हुआ। इस उपलब्धि को लेकर हजारीबाग में खुशी का माहौल है।
कार्यक्रम के दौरान वीरेंद्र विक्रम ने विभिन्न देशों के विधि विशेषज्ञों, न्यायविदों और शिक्षाविदों के बीच समकालीन वैश्विक कानूनी चुनौतियों पर भारत का दृष्टिकोण प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने सीमा-पार कानूनी सहयोग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), कॉर्पोरेट गवर्नेंस, अनुपालन (कॉम्प्लायंस) और अन्य उभरते विधिक विषयों पर अपने विचार रखे, जिन्हें विशेषज्ञों ने सराहा।
वीरेंद्र विक्रम वर्तमान में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड में अधिवक्ता के रूप में कार्यरत हैं। वे कॉर्पोरेट, व्हाइट-कॉलर अपराध, नियामकीय और प्रवर्तन से जुड़े जटिल कानूनी मामलों पर कार्य कर रहे हैं।
हजारीबाग से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाले वीरेंद्र विक्रम की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हजारीबाग में हुई। उनकी इस सफलता ने न केवल जिले और राज्य का मान बढ़ाया है, बल्कि छोटे शहरों के युवाओं के लिए भी नई प्रेरणा प्रस्तुत की है।
वीरेंद्र विक्रम एक प्रतिष्ठित विधिक परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता विजय कुमार सिंह हजारीबाग सिविल कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता तथा अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष हैं। उनकी माता डॉ. छाया सिंह अन्नदा महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापक हैं, जबकि उनके दादा बालेश्वर प्रसाद सिंह जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
वीरेंद्र विक्रम की इस उपलब्धि पर अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी है।
इसे भी पढ़ें……

