
रांची। नगर निगम की विजिलेंस टीम द्वारा फुटपाथ दुकानदारों के खिलाफ चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में दुकानदार सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम कार्यालय का घेराव कर अभियान पर तत्काल रोक लगाने की मांग की और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
दुकानदारों का कहना था कि लगातार चल रही कार्रवाई से हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। उनका आरोप है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के फुटपाथ से दुकानें हटाई जा रही हैं, जबकि यही उनकी आय का मुख्य स्रोत है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम बिना लिखित नोटिस दिए केवल मौखिक आदेश के आधार पर दुकानें हटवा रहा है। उनका कहना है कि नियमों के अनुसार किसी भी कार्रवाई से पहले 30 दिन का नोटिस दिया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि प्रभावित सभी दुकानदारों को नियमानुसार नोटिस जारी करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए।
दुकानदारों ने यह भी कहा कि पिछले नौ वर्षों से फुटपाथ दुकानदारों का सर्वे नहीं कराया गया है और पिछले पांच वर्षों से टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) का चुनाव भी लंबित है। उनका आरोप है कि प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा छोटे व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने अतिक्रमण हटाओ अभियान पर रोक लगाने, लंबित सर्वे जल्द पूरा कराने और टाउन वेंडिंग कमेटी का चुनाव कराने की मांग की।
इधर, फुटपाथ दुकानदारों के प्रदर्शन और जेपीएससी अभ्यर्थियों के धरने के कारण मंगलवार को रांची की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही। कचहरी चौक सहित कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया। कचहरी रोड, रेडियम रोड, जेल रोड, रातू रोड, अल्बर्ट एक्का चौक और लालपुर से कचहरी चौक तक वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं।
जाम के कारण कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्कूल बसें भी यातायात में फंस गईं। बाद में ट्रैफिक पुलिस की मशक्कत के बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका।
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