
रांची। रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में सुरक्षाकर्मी की हत्या और लूटपाट की घटना लेकर विपक्षी दलों ने जहां राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। वहीं आदिवासी संगठनों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया है।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने घटना पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि राजधानी के उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में स्थित मंदिर में इस तरह की वारदात पुलिस की विफलता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि घटनास्थल के आसपास विधानसभा और हाईकोर्ट जैसे महत्वपूर्ण संस्थान मौजूद हैं, इसके बावजूद अपराधियों द्वारा मंदिर में घुसकर हत्या करना गंभीर सवाल खड़े करता है।
मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से चुप्पी तोड़ने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस घटना को राज्य की खराब कानून-व्यवस्था का उदाहरण बताते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जब राजधानी के प्रमुख और सुरक्षित माने जाने वाले धार्मिक स्थल ही असुरक्षित हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
दास ने सरकार को निष्क्रिय बताते हुए राज्य में बढ़ते अपराध पर चिंता जताई। घटना के विरोध में शुक्रवार को विभिन्न आदिवासी संगठन भी सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर विरोध जताया और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ गया है कि अब वे मंदिर जैसे पवित्र स्थानों को भी निशाना बना रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, गुरुवार देर रात करीब 11 बजे एक व्यक्ति मंदिर परिसर में दाखिल हुआ और वहां ड्यूटी पर तैनात गार्ड बिरसा मुंडा की हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने दान पेटी का ताला तोड़कर करीब पांच लाख रुपये से अधिक की नकदी लेकर फरार हो गया। घटना की पूरी वारदात मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। शुक्रवार सुबह जब स्थानीय लोग पूजा के लिए मंदिर पहुंचे, तो उन्होंने गार्ड का शव देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने हत्या के एक कथित आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
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