
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। जिले में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों और मेडिकल प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। कलेक्टर के निर्देश और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) के मार्गदर्शन में सोमवार को रामचंद्रपुर विकासखंड में संयुक्त जांच दल ने कार्रवाई करते हुए दो अवैध रूप से संचालित प्रतिष्ठानों को सील कर दिया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में संचालित अन्य अवैध क्लीनिकों और मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप की स्थिति है।
जानकारी के अनुसार, खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. महेश गुप्ता, रामचंद्रपुर के नायब तहसीलदार एवं थाना प्रभारी की संयुक्त टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान नर्सिंग होम एक्ट-2013 के प्रावधानों के तहत कई अनियमितताएं सामने आईं।
बीएमओ डॉ. महेश गुप्ता ने ऑफबार न्यूज़ को बताया कि जांच में हिंद मेडिकल का लाइसेंस निर्धारित अवधि से समाप्त (आउटडेटेड) पाया गया। वहीं, देवगन मेडिकल बिना किसी वैधानिक अनुमति के क्लीनिक का संचालन करता मिला। निरीक्षण के दौरान वहां मरीजों के उपचार की व्यवस्था पाई गई। क्लीनिक में दो बेड लगे हुए थे तथा मरीजों को चढाने वाली स्लाइन मिली।
जांच टीम ने यह भी पाया कि संबंधित प्रतिष्ठान में बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। स्वास्थ्य संबंधी मानकों की अनदेखी और बिना अनुमति चिकित्सा गतिविधियों के संचालन को गंभीर मानते हुए दोनों प्रतिष्ठानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बिना पंजीकरण और आवश्यक अनुमति के संचालित होने वाले क्लीनिक मरीजों की जान के लिए खतरा बन सकते हैं। ऐसे संस्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद रामचंद्रपुर ब्लॉक सहित आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोरों और क्लीनिकों के संचालकों में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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