
बलरामपुर। जिले में अतिथि शिक्षकों का वेतन दो महीने से अटका हुआ है। भुगतान में लगातार हो रही देरी और जटिल प्रक्रिया से नाराज शिक्षकों ने अब कलेक्टर के सामने अपनी समस्याएं रखी हैं।
रामानुजगंज में प्रांतीय अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) संघ, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज ने सोमवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर वेतन भुगतान में हो रही देरी और प्रशासनिक दिक्कतों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। संघ का आरोप है कि, जिला शिक्षा अधिकारी की कार्यप्रणाली के कारण शिक्षकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में बताया गया है कि, जिले के अतिथि शिक्षकों का मार्च और अप्रैल माह का वेतन अब तक लंबित है। वेतन भुगतान के लिए पुराने अभिलेख और उपस्थिति पत्रक मांगे जा रहे हैं, जिससे प्रक्रिया और जटिल हो गई है और भुगतान में लगातार देरी हो रही है।
संघ के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा वेतन जिला स्तर से जारी करने का नया आदेश दिया गया है। इसके तहत सभी शिक्षकों को वेतन पत्रक जिला कार्यालय में जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। लेकिन वर्तमान में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के कारण अधिकांश शिक्षक अपने गृह जिलों में हैं, जिससे यह प्रक्रिया और कठिन हो गई है।
संघ ने पांच साल पुराने अभिलेखों की मांग को भी अव्यावहारिक बताया है। उनका कहना है कि इस तरह की शर्तें लगाकर वेतन भुगतान को टालने की कोशिश की जा रही है। ज्ञापन में अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए हैं। वाड्रफनगर विकासखंड के एक मामले का उल्लेख करते हुए संघ ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान एक अतिथि शिक्षक से 20 हजार रुपये की मांग की गई।

संघ ने यह भी बताया कि जिले में कई अतिथि शिक्षक दूसरे जिलों से आकर किराए के मकानों में रहकर सेवाएं दे रहे हैं। वेतन नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक और मानसिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। अतिथि शिक्षकों ने कलेक्टर से मांग की है कि लंबित वेतन का जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाए और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।
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