
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। जिले के रामानुजगंज नगर में सोमवार को भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। कई वार्डों में दोपहर से ही डीम (लो) वोल्टेज की समस्या ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचते ही हालात और गंभीर हो गए। न पंखे चले, न कूलर, और लोग उमस भरी गर्मी में बेहाल हो उठे।
रामानुजगंज नगर के विभिन्न वार्डों में सोमवार दोपहर से ही बिजली आपूर्ति में भारी गिरावट देखी गई। वार्ड क्रमांक 13 ट्रांसफार्मर फेल हो जाने के कारण पूरे इलाके में डीम वोल्टेज की समस्या बनी रही। लोगों ने बताया कि बिजली तो नाम मात्र की रही, लेकिन वोल्टेज इतना कम था कि पंखा और कूलर तक नहीं चल पाए।
इस दौरान भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी को कई गुना बढ़ा दिया। दोपहर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिससे घरों के अंदर रहना भी मुश्किल हो गया। बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। गर्म हवाओं और उमस के कारण लोग न तो दिन में आराम कर सके और न ही रात को चैन की नींद की उम्मीद नजर आ रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अप्रैल महीने में ही इस तरह की गर्मी और बिजली की समस्या चिंता का विषय है। अगर मई-जून में भी यही हाल रहा, तो हालात और भी भयावह हो सकते हैं।
वहीं, इस मामले में विद्युत विभाग के जेई ने बताया कि ट्रांसफार्मर खराब हो गया है, लेकिन उसे बदलने के लिए आवश्यक हाइड्रा (क्रेन) ऑपरेटर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीकी कारणों से ट्रांसफार्मर को तुरंत नहीं उतारा जा सका, जिसके चलते मरम्मत कार्य में देरी हो रही है। विभाग के अनुसार अब मंगलवार दोपहर तक ही बिजली व्यवस्था बहाल होने की संभावना है।
गौर करने वाली बात यह है कि अगर बिजली विभाग को इस खराबी की जानकारी समय रहते यानी शाम के पहले ही मिल गई होती और उस पर तत्परता से कार्रवाई की जाती, तो हालात इतने बिगड़ते नहीं। समय पर हाइड्रा ऑपरेटर की व्यवस्था हो सकती थी और ट्रांसफार्मर को उसी दिन ठीक कर लिया जाता। लेकिन विभाग की लेट-लतीफी और सुस्त रवैये का खामियाजा आम जनता को इस भीषण गर्मी में भुगतना पड़ रहा है, जहां राहत की उम्मीद भी अब अगले दिन पर टाल दी गई है।
उल्लेखनीय है कि, भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था की इस लापरवाही ने लोगों को संकट में डाल दिया है। प्रशासन और विद्युत विभाग से जल्द समाधान की मांग तेज हो गई है, ताकि लोगों को राहत मिल सके और इस तरह की समस्या दोबारा न हो।
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