
रांची। झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा को लेकर लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच राज्य सरकार के फैसले के बाद आंदोलनकारी छात्रों में जश्न का माहौल है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा CGL परीक्षा रद्द करने की घोषणा के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
सोमवार देर रात स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और मंत्री दीपिका पांडे सिंह रांची के सदर अस्पताल पहुंचे। दोनों मंत्रियों ने छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया। सरकार के फैसले के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों ने इसे अपनी मांगों की बड़ी जीत बताया।
सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल कर दी बधाई
देवेंद्र नाथ महतो के अनशन समाप्त करने की खबर सामने आने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने देर रात उनसे वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की। उन्होंने देवेंद्र महतो और आंदोलन से जुड़े छात्रों को बधाई दी।
वांगचुक ने झारखंड के छात्रों की मेहनत और निष्ठा की सराहना करते हुए सफल छात्रों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने छात्रों की एकजुटता और लगातार संघर्ष को सकारात्मक कदम बताया।
सरकार और छात्रों के बीच सहयोग पर जोर
बातचीत के दौरान झारखंड सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भूमिका की भी सराहना की गई। इस दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि सरकार और जनता को मिलकर आगे भी काम करना चाहिए।
सोनम वांगचुक ने कहा कि जहां भी व्यवस्था में कमियां या समस्याएं सामने आएं, उन्हें मिलकर दूर करने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने छात्रों को आगे भी मेहनत, एकजुटता और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं।
CGL रद्द होने के बाद खत्म हुआ अनशन
गौरतलब है कि JSSC-CGL परीक्षा को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे। सरकार ने सोमवार को बड़ा फैसला लेते हुए CGL परीक्षा को रद्द करने की घोषणा की। इसके बाद आंदोलनकारी छात्रों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई और देवेंद्र नाथ महतो ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
सरकार के इस फैसले के बाद अब छात्रों की नजर परीक्षा प्रक्रिया को नए सिरे से शुरू करने और भविष्य में भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी तरीके से कराने की व्यवस्था पर है।
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