
रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। छात्रों के आंदोलन के 24वें दिन सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में हुई विशेष कैबिनेट बैठक में JPSC-JSSC से जुड़ी कई परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया गया। इनमें झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा के साथ 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा समेत कई परीक्षाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने छात्रों की मांगों पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के साथ है और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
CGL में गड़बड़ी के संकेत, इसलिए रद्द करने का फैसला
मुख्यमंत्री ने कहा कि, CGL परीक्षा की जांच के लिए गठित SIT और CID की अब तक की रिपोर्ट में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे गड़बड़ी के संकेत मिलते हैं। उन्होंने बताया कि JPSC PT में पकड़े गए एक छात्र की भूमिका CGL परीक्षा में भी पाई गई है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने CGL परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया है।
14वीं JPSC PT और बैकलॉग परीक्षाएं भी रद्द
कैबिनेट ने 14वीं JPSC PT के अलावा बैकलॉग 2023 और 2025 की परीक्षाओं को भी रद्द करने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए इन मामलों में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
JPSC-JSSC में सुधार के लिए बनेगी नई व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने बताया कि IAS अमिताभ कौशल के नेतृत्व में JPSC और JSSC की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कमेटी का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा संचालन को लेकर पहले से SOP मौजूद है, लेकिन यदि उसका सही तरीके से पालन किया गया होता तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती।
सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए आम लोगों से सुझाव भी मांगे हैं। प्राप्त सुझावों को आगे की व्यवस्था में शामिल करने की बात कही गई है।
2014 से अब तक की सभी परीक्षाओं की होगी जांच
राज्य सरकार ने वर्ष 2014 से अब तक आयोजित सभी संबंधित परीक्षाओं की जांच कराने का भी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
छात्रों की मांग पर सरकार की ओर से गठित मंत्रियों की कमेटी ने पिछले दिनों कई दौर की वार्ता भी की थी। बातचीत के दौरान CGL समेत अन्य परीक्षाओं की जांच सेवानिवृत्त हाई कोर्ट के न्यायाधीश से कराने का प्रस्ताव भी सामने आया था, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी।
इन परीक्षाओं पर भी पड़ा असर
टीडीपीएल की ओर से ली गई जिन परीक्षाओं को लेकर सरकार ने फैसला किया है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
14वीं JPSC सिविल सेवा PT परीक्षा
झारखंड पात्रता परीक्षा (JET)
सहायक लोक अभियोजक परीक्षा
इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज परीक्षा
सिविल जज जूनियर परीक्षा
झारखंड वन रक्षक प्रतियोगिता परीक्षा
झारखंड PGT परीक्षा
खनिज उपकर के मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैठक के बाद खनिज संसाधनों से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा माइंस एंड मिनरल डेवलपमेंट एक्ट में संशोधन कर खनिज पर राज्य को मिलने वाले सेस की शक्ति प्रभावित किए जाने के मुद्दे पर जल्द ही विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा।
इस मुद्दे पर विधानसभा में अलग से चर्चा और आगे की रणनीति तय की जाएगी।
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