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छत्तीसगढ़ में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर में 25 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। राजस्व विभाग ने धान खरीदी का काम प्रभावित होने का हवाला देते हुए 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वहीं, पटवारी संघ पीवी एप की समस्याओं के समाधान, वेतन विसंगति दूर करने और लंबित पदोन्नति की मांग को लेकर 13 अक्टूबर से हड़ताल पर है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के जन्मदिवस पर बलरामपुर जिले के ग्राम मितगई में समारोह आयोजित किया गया। पूर्व जिला पंचायत सभापति एवं वर्तमान में यादव समाज के प्रदेश महामंत्री राजेश यादव के नेतृत्व में हुए कार्यक्रम में डॉ. रमन सिंह वर्चुअल माध्यम से जुड़े। इस दौरान सैकड़ों ग्रामीणों के पैर धोकर उन्हें कंबल भेंट किए गए। सांस्कृतिक कार्यक्रमों, आतिशबाजी और सामूहिक सहभोज में आसपास के दर्जनों गांवों से पहुंचे ग्रामीण शामिल हुए।

बलरामपुर जिले के खड़ियाडामर गांव की शासकीय उचित मूल्य दुकान में वितरित होने वाले चावल में कंकड़-पत्थर मिलने की शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों ने चावल की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए इसे लेने से इनकार करने की बात कही। शिकायत के बाद जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव ने मौके पर पहुंचकर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल से फोन पर चर्चा की। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने भी चावल का निरीक्षण किया और उसे वापस करने की बात कही है। अब मामले में विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में शिक्षक से कथित तौर पर 10 हजार रुपये मांगने और सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित करने के मामले में पस्ता पुलिस ने यूट्यूबर दीपक यादव समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दीपक यादव, श्रवण यादव और सूर्या यादव ने 14 अक्टूबर को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। सहायक शिक्षक रुकमन बारीक ने आरोप लगाया था कि रुपये नहीं देने पर उन्हें बदनाम करने और नौकरी से निलंबित करवाने की धमकी दी गई।

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले का एक परिवार करीब पांच दशक से रामानुजगंज में मां दुर्गा की प्रतिमाएं बना रहा है। पिता काशीनाथ सूत्रधार ने इस परंपरा की शुरुआत की थी, जिसे अब 64 वर्षीय दुर्गा दास सूत्रधार और उनके बेटे आगे बढ़ा रहे हैं। हर साल नवरात्र से एक महीने पहले पूरा परिवार रामानुजगंज पहुंचता है और दो से तीन पूजा पंडालों के लिए आकर्षक प्रतिमाएं तैयार करता है।

बलरामपुर जिले के कुसमी तहसील कार्यालय परिसर में भिक्षा और चंदा मांगने वालों के प्रवेश पर रोक संबंधी सूचना पट्ट लगाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सकल हिंदू समाज ने संदेश की भाषा पर आपत्ति जताते हुए नायब तहसीलदार अनुग्रह केरकेट्टा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और उनके तबादले की मांग की है। समाज ने प्रशासन को दो दिन का समय देते हुए कार्रवाई नहीं होने पर नगर बंद, चक्काजाम और तहसील कार्यालय के घेराव की चेतावनी दी है।

बलरामपुर जिले की कनकपुर ग्राम पंचायत में 10 अक्टूबर को आयोजित ग्राम सभा के दौरान हुए हंगामे के बाद रामानुजगंज पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। प्रवीण कुमार सिंह, मोहम्मद अयूब, सोएब अख्तर और मुर्तजा अंसारी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। वहीं, ग्राम सचिव दिनेश ठाकुर पर ग्रामीणों ने शासकीय योजनाओं के कार्यों में लापरवाही और हितग्राहियों की समस्याओं का निराकरण नहीं करने के आरोप लगाए हैं। सचिव पर इससे पहले भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राशि मांगने के आरोप लगाए जा चुके हैं।

कृषि मंत्री एवं रामानुजगंज विधायक रामविचार नेताम की पहल पर रामचंद्रपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने 3.40 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। इसमें अस्पताल भवन निर्माण के लिए 2.50 करोड़ और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए तीन स्टाफ क्वार्टर बनाने पर 90 लाख खर्च किए जाएंगे। इस स्वीकृति से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे और कर्मचारियों की आवासीय सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में मंगलवार देर रात यातायात पुलिस ने विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान नो-एंट्री में वाहन प्रवेश के 15 मामलों सहित कुल 21 प्रकरणों में कार्रवाई की गई और 39,200 रुपये का शमन शुल्क लगाया गया। पुलिस ने वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल करने तथा नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की समझाइश दी।

बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में सात पहाड़ियों की सबसे ऊंची चोटी मालकेतु पर्वत पर विराजमान पहाड़ी वाली माई का मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है। नवरात्र में छत्तीसगढ़ के अलावा झारखंड, उत्तरप्रदेश और बिहार से भी भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मान्यता है कि माता के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होती है। मंदिर तक पहुंचने के लिए 296 सीढ़ियां और सीसी सड़क बनाई गई है।