
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर नगर पालिका में लंबे समय से चल रहे प्रशासनिक विवाद अब ठंडा पड़ता दिख रहा है। पार्षदों के साथ कथित अभद्र व्यवहार और धमकी के आरोपों से घिरे मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) प्रणव राय का राज्य शासन ने तबादला कर दिया है। उन्हें अब रायगढ़ जिले के तमनार नगर पालिका में पदस्थ किया गया है।
बलरामपुर नगर पालिका में पिछले कुछ समय से सीएमओ प्रणव राय को लेकर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा था। पार्षदों ने आरोप लगाया था कि बैठक और संवाद के दौरान उन्होंने अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और जनप्रतिनिधियों को दबाव में लेने की कोशिश की।
मामला उस वक्त और गंभीर हो गया, जब एक कथित फोन कॉल की रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इस ऑडियो के सामने आने के बाद न केवल नगर पालिका का माहौल तनावपूर्ण हुआ, बल्कि यह विवाद राजनीतिक गलियारों तक भी पहुंच गया।
जारी आदेश की कॉपी…




स्थिति बिगड़ने पर कई पार्षद खुलकर विरोध में उतर आए। खासकर भाजपा पार्षदों ने मोर्चा संभालते हुए सीएमओ के खिलाफ उच्च अधिकारियों और शासन स्तर तक शिकायतें पहुंचाईं। उनका आरोप था कि अधिकारी का रवैया न केवल असहयोगात्मक है, बल्कि इससे विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
लगातार बढ़ते दबाव और प्रशासनिक असंतोष को देखते हुए राज्य शासन ने आखिरकार हस्तक्षेप किया। मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए प्रणव राय का तबादला कर दिया गया और उन्हें रायगढ़ जिले के तमनार नगर पालिका में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस निर्णय के बाद बलरामपुर नगर पालिका के पार्षदों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने राहत की सांस ली है। उनका मानना है कि अब प्रशासनिक माहौल सामान्य होगा और रुके हुए विकास कार्यों को गति मिल सकेगी। शासन के इस कदम को स्थानीय स्तर पर एक निर्णायक कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे लंबे समय से चल रहा विवाद फिलहाल थमता नजर आ रहा है।
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