
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। जिले में स्वास्थ्य विभाग की सतत सक्रियता और जागरूकता अभियानों का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जिले भर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां लोगों को मलेरिया से बचाव और नियंत्रण के प्रति जागरूक किया गया। राहत की बात यह है कि वर्तमान में बलरामपुर जिले में मलेरिया का एक भी एक्टिव केस मौजूद नहीं है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय सिंह के निर्देशन में शनिवार को जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में विश्व मलेरिया दिवस मनाया गया। इसी क्रम में रामानुजगंज स्थित 100 बिस्तर अस्पताल में अस्पताल अधीक्षक डॉ. शरद चंद्र गुप्ता के मार्गदर्शन में नर्सिंग छात्रों द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान नर्सिंग छात्रों ने मरीजों और आमजनों को मलेरिया के लक्षण, बचाव और समय पर जांच की आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मच्छरों से बचाव, साफ-सफाई बनाए रखने, ठहरे पानी को समाप्त करने और मच्छरदानी के उपयोग जैसे उपायों पर विशेष जोर दिया गया।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. शरद चंद्र गुप्ता ने बताया कि जिले में स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता और नियमित सर्वेक्षण के चलते मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जिले में मलेरिया के छह मरीज मिले थे। वहीं, जनवरी माह में इस वर्ष एक केस सामने आया था, जिसे स्वास्थ्य विभाग की तत्परता से पूरी तरह ठीक कर लिया गया है। फिलहाल जिले में मलेरिया का एक भी एक्टिव केस नहीं है, जो कि जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सावधानी बरतते रहें और मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
इस अवसर पर खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेश गुप्ता, अस्पताल अधीक्षक डॉ. शरद चंद्र गुप्ता, मेडिकल स्टाफ, नर्सिंग छात्र-छात्राएं एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग ने भविष्य में भी इसी तरह के जागरूकता कार्यक्रम लगातार जारी रखने की बात कही है, ताकि जिले को मलेरिया मुक्त बनाए रखने का लक्ष्य कायम रखा जा सके।
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