
बलरामपुर। सेमरसोत अभ्यारण्य में संरक्षित वन्यजीव बार्किंग डियर (कोटरी) के शिकार का वन विभाग ने खुलासा किया है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर वन अमले ने घेराबंदी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से कोटरी का मृत शव बरामद किया गया।
वन विभाग के अनुसार वन्यजीव संरक्षण के लिए चलाए जा रहे सघन गश्त और निगरानी अभियान के दौरान 5 अगस्त 2026 को शिकार की सूचना मिली थी। उप निदेशक एलिफेंट रिजर्व सरगुजा अम्बिकापुर श्रीनिवास तेनेटी के निर्देश तथा सेमरसोत अधीक्षक बीएस भगत के मार्गदर्शन में रेंजर जगत राम मरावी के नेतृत्व में टीम ने तत्काल कार्रवाई की।
टीम ने घेराबंदी कर ग्राम परती निवासी चंदन, पिता राजमल और ग्राम खटवाबरदर निवासी सुराजलाल, पिता सत्ता को पकड़ा। जांच और तलाशी के दौरान उनके कब्जे से संरक्षित वन्यजीव बार्किंग डियर (कोटरी) का मृत शव बरामद हुआ।
प्रारंभिक जांच में सेमरसोत अभ्यारण्य क्षेत्र में संरक्षित वन्यजीव के अवैध शिकार की पुष्टि होने के बाद वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की प्रासंगिक धाराओं के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सक्षम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
शिकार में प्रयुक्त साधनों की तलाश
वन विभाग ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। शिकार में इस्तेमाल किए गए साधनों और इस घटना में अन्य संभावित लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। विभाग ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वन्यजीव संरक्षण में सहयोग की अपील
वन विभाग ने लोगों से वन्यजीवों की सुरक्षा में सहयोग करने की अपील की है। विभाग ने कहा कि वन्यजीवों का शिकार अथवा किसी भी प्रकार के वन अपराध की जानकारी मिलने पर तत्काल निकटतम वन कार्यालय को सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। कार्रवाई में गेम रेंज बलरामपुर का वन अमला सक्रिय रहा।
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