
अंबिकापुर। सरगुजा संभाग के चर्चित ‘टुन-टुन दाबेली’ संचालक अमन ओझा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद अंबिकापुर से लेकर बलरामपुर और झारखंड तक सनसनी फैल गई है। कुछ दिनों से लापता अमन ओझा का शव रविवार को झारखंड के रंका थाना क्षेत्र में बरामद किया गया। शव पर चोट के निशान मिलने से प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका जताई जा रही है। मामले की जांच झारखंड पुलिस कर रही है।
जानकारी के अनुसार, अंबिकापुर के मिशन चौक स्थित टुन-टुन दाबेली दुकान का संचालन करने वाले अमन ओझा पिछले कुछ दिनों से लापता थे। रविवार को झारखंड पुलिस की ओर से सोशल मीडिया पर जारी सूचना के बाद उनके शव की पहचान हुई। रंका थाना प्रभारी ने बताया कि फिलहाल मृतक के परिजन थाने नहीं पहुंचे हैं, इसलिए औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हो सकी है। आवेदन मिलने के बाद प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अमन ओझा पिछले करीब दो माह से सोशल मीडिया पर चर्चा में थे। उन्होंने वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी को दूसरे समुदाय का एक युवक अपने साथ ले गया है। वीडियो में उन्होंने अपनी जान को खतरा होने की आशंका भी जताई थी। अमन ने इस संबंध में अंबिकापुर कोतवाली में शिकायत देने की बात भी कही थी।
इसी बीच अब उनकी संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अमन की बुलेट बाइक बलरामपुर जिले के रामानुजगंज क्षेत्र में लावारिस हालत में मिली है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि वह झारखंड के रंका थाना क्षेत्र तक कैसे पहुंचे और उनके साथ कौन लोग थे। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि अमन द्वारा पहले दी गई शिकायत और जान से खतरे की आशंका को गंभीरता से लिया जाता, तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
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