
रायपुर। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ देशभर में कई अहम बदलाव लागू हो गए हैं। इनका सीधा असर आम लोगों की जेब, सफर, टैक्स और रोजमर्रा के खर्चों पर पड़ेगा। जहां एक ओर टोल टैक्स और कॉमर्शियल गैस महंगी हुई है, वहीं छत्तीसगढ़ में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री सस्ती होने जैसी राहत भी मिली है।
टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव
1 अप्रैल से नया इनकम टैक्स कानून लागू हो गया है, जिससे टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाने की कोशिश की गई है। अब वित्तीय वर्ष और आकलन वर्ष की जगह ‘टैक्स वर्ष’ की अवधारणा लागू की गई है, जिससे भ्रम की स्थिति खत्म होगी। गैर-ऑडिट करदाताओं के लिए रिटर्न भरने की अंतिम तिथि 31 अगस्त कर दी गई है।
हाईवे सफर महंगा
प्रदेश के टोल प्लाजा पर नई दरें लागू कर दी गई हैं। वाहनों को अब 5 से 20 रुपए तक अधिक टोल देना होगा। कुम्हारी, भोजपुरी, मुढ़ीपार, पाराघाट और बगदेवा जैसे प्रमुख टोल प्लाजा इससे प्रभावित हुए हैं। वहीं एनुअल पास की कीमत बढ़कर 3,075 रुपए हो गई है।
अब टोल पर कैश बंद
टोल प्लाजा को पूरी तरह कैशलेस बना दिया गया है। अब भुगतान केवल FASTag या UPI के जरिए ही किया जा सकेगा। बिना बैलेंस या FASTag के यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ सकती है।
PAN-KYC नियम सख्त
नए नियमों के तहत बैंकिंग, निवेश और टैक्स से जुड़े लेनदेन के लिए पहचान सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। PAN के साथ KYC प्रक्रिया को सख्त किया गया है, जिससे फर्जी खातों पर रोक लगेगी।
रेल टिकट नियम में बदलाव
अब ट्रेन टिकट कैंसिल करने पर रिफंड के लिए समय सीमा बढ़ाकर 8 घंटे कर दी गई है। यानी ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले टिकट रद्द करना जरूरी होगा। वहीं 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा जारी रहेगी।
कॉमर्शियल गैस महंगी
कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में करीब 200 रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई है। इससे होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग सेवाओं की लागत बढ़ेगी, जिसका असर आम लोगों पर पड़ेगा।
सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव
नए नियमों के तहत कर्मचारियों की बेसिक सैलरी अब कुल वेतन (CTC) का कम से कम 50% होना अनिवार्य होगा। इससे इन-हैंड सैलरी में बदलाव आ सकता है, लेकिन भविष्य में पीएफ और ग्रेच्युटी का लाभ बढ़ेगा।

छत्तीसगढ़ में क्या बदला?
रजिस्ट्री सस्ती हुई
राज्य सरकार ने स्टाम्प ड्यूटी पर लगने वाला 12% सरचार्ज खत्म कर दिया है, जिससे प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री अब सस्ती हो गई है।
राशन वितरण में बदलाव
अब राशन दुकानों से अप्रैल, मई और जून तीन महीने का चावल एक साथ दिया जाएगा, जिससे हितग्राहियों को सुविधा मिलेगी।
प्लास्टिक बोतल में शराब
नई आबकारी नीति के तहत अब सरकारी दुकानों में शराब प्लास्टिक (PET) बोतलों में बेची जाएगी। साथ ही टैक्स बढ़ने से विदेशी शराब और बियर महंगी हो सकती है, जबकि देसी शराब की कीमतें यथावत रहेंगी।
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