
पलामू, एजेंसी। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) से जुड़े कथित मेधा घोटाले की जांच अब पलामू तक पहुंच गई है। सोमवार को सीआईडी और पलामू पुलिस की संयुक्त टीम ने मामले में नामजद दो आरोपितों के अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान जांच टीम ने कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं।
जिन आरोपितों के ठिकानों पर कार्रवाई की गई, उनमें संतोष कुमार सिंह और रविशंकर कुमार शामिल हैं। सीआईडी की टीम ने संतोष कुमार सिंह के मेदिनीनगर स्थित हमीदगंज में बीएन कॉलेज के समीप आवास की तलाशी ली। इसके अलावा नौडीहा बाजार स्थित उसके पैतृक घर पर भी जांच की गई।
इसी तरह दूसरे आरोपित रविशंकर कुमार के मेदिनीनगर के बारालोटा स्थित आवास पर भी टीम ने छापेमारी की। दोनों स्थानों पर जांच टीम ने काफी देर तक तलाशी अभियान चलाया और मामले से संबंधित सामग्री की तलाश की।
लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त
छापेमारी के दौरान जांच टीम को लैपटॉप सहित कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और दस्तावेज मिले हैं। इन सभी सामग्रियों को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। अब सीआईडी इन उपकरणों और दस्तावेजों की तकनीकी एवं विस्तृत जांच करेगी।
जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि जब्त सामग्री से जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में मौजूद डाटा और दस्तावेजों की जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कई अधिकारियों की टीम रही मौजूद
छापेमारी अभियान में पलामू पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे। सदर एसडीपीओ राजेश यादव, विश्रामपुर एसडीपीओ चिरंजीव कुमार और छतरपुर एसडीपीओ प्रशांत कुमार के साथ सीआईडी की स्थानीय टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
पलामू एसपी कपिल चौधरी ने बताया कि छापेमारी के दौरान लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद हुए हैं। उन्होंने बताया कि जब्त सामग्री की जांच के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
15 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई
जेपीएससी से जुड़े कथित मेधा घोटाले की जांच के तहत सीआईडी की कार्रवाई सिर्फ पलामू तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसी की ओर से झारखंड और दूसरे राज्यों में करीब 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
झारखंड के रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद समेत कई जिलों में जांच टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की है। जांच के दायरे में जेपीएससी परीक्षा से कथित रूप से जुड़े लोगों के साथ परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी टीडीपीएल से संबंधित ठिकाने भी बताए जा रहे हैं।
जांच में सामने आई जानकारी के बाद कार्रवाई
सीआईडी पिछले कई दिनों से मामले की जांच कर रही थी। जांच के दौरान सामने आई जानकारियों के आधार पर संबंधित ठिकानों की पहचान की गई और इसके बाद सोमवार को एक साथ छापेमारी की कार्रवाई शुरू की गई।
जांच एजेंसियां अब जब्त किए गए लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की पड़ताल करेंगी। इनसे परीक्षा में कथित गड़बड़ी की पूरी कड़ी, इसमें शामिल लोगों के बीच संपर्क और संभावित नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल सीआईडी की जांच जारी है। जब्त सामग्री की जांच के बाद मामले में और लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
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