
बलरामपुर। जिस जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को रामानुजगंज में स्थापित कराने के लिए स्थानीय लोगों ने वर्षों तक संघर्ष किया और मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा, उसी कार्यालय के अस्तित्व और संचालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। रामानुजगंज में मौजूद डीईओ कार्यालय की बदहाल स्थिति और दूसरी ओर बलरामपुर कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित हो रहे डीईओ कार्यालय की बेहतर साज-सज्जा की तस्वीरें इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई हैं। एक तरफ रामानुजगंज कार्यालय की खपड़ैल छत से बारिश में पानी टपकने की बात सामने आ रही है, तो दूसरी ओर बलरामपुर में डीईओ कार्यालय किसी आधुनिक कार्यालय से कम नजर नहीं आ रहा। यही अंतर अब स्थानीय लोगों के बीच पुराने विवाद को फिर हवा दे रहा है।
रामानुजगंज के लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक कार्यालय का मामला नहीं है, बल्कि लंबे संघर्ष और स्थानीय अधिकार से जुड़ा विषय है। यही वजह है कि डीईओ कार्यालय के स्थानांतरण की आशंका की चर्चा ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
हाईकोर्ट तक पहुंचा था मामला
जानकारी के अनुसार, जब सरगुजा संभाग का वर्तमान स्वरूप नहीं था और रामानुजगंज क्षेत्र का प्रशासनिक संचालन पुराने ढांचे के तहत होता था, उस समय रामानुजगंज के नाम से संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का संचालन अंबिकापुर से किया जा रहा था। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करते हुए कार्यालय को रामानुजगंज में संचालित कराने की मांग को लेकर लंबी लड़ाई लड़ी।

मामला आखिरकार हाईकोर्ट तक पहुंचा। स्थानीय लोगों के अनुसार, न्यायालय के फैसले के बाद रामानुजगंज के नाम से संचालित डीईओ कार्यालय को रामानुजगंज में ही संचालित किए जाने का रास्ता साफ हुआ। इसके बाद थाना रोड पर कार्यालय की व्यवस्था की गई और यहां से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का संचालन शुरू हुआ। स्थानीय लोगों के लिए यह फैसला लंबे संघर्ष के बाद मिली बड़ी जीत के रूप में देखा गया।
जिला बनने के बाद दो जगह नजर आने लगा कार्यालय
इसके बाद वर्ष 2012 में सरगुजा जिले से अलग होकर बलरामपुर-रामानुजगंज जिले का गठन हुआ। नए जिले का कलेक्ट्रेट बलरामपुर में स्थापित हुआ और अधिकांश जिला स्तरीय विभागों के कार्यालय भी बलरामपुर में संचालित होने लगे।

इसी दौरान जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की स्थिति कुछ अलग बनी रही। रामानुजगंज में डीईओ कार्यालय का संचालन जारी रहा, वहीं बलरामपुर कलेक्ट्रेट परिसर में भी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से संबंधित कामकाज होने लगा। इस तरह जिला शिक्षा विभाग का कार्यालय व्यवहारिक तौर पर दो स्थानों पर नजर आने लगा।
मनीराम यादव के कार्यभार संभालने के बाद फिर गरमाया मामला
हाल के दिनों में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव को जिले का प्रभार मिलने के बाद एक बार फिर यह मुद्दा चर्चा में आया। स्थानीय लोगों के बीच यह बात सामने आई कि रामानुजगंज स्थित कार्यालय से दस्तावेजों को बलरामपुर ले जाया जा रहा है और कार्यालय के कामकाज को पूरी तरह बलरामपुर से संचालित किए जाने की तैयारी है।
इस सूचना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोगों ने इसका विरोध किया। मामला बढ़ने पर रामानुजगंज में एसडीएम, तहसीलदार और जिला शिक्षा अधिकारी की मौजूदगी में बैठक हुई। उस दौरान कार्यालय को स्थानांतरित किए जाने से संबंधित चर्चाओं को भ्रामक बताया गया और मामला कुछ समय के लिए शांत हो गया।
अब कार्यालयों की तस्वीरों ने फिर बढ़ाई चिंता
इधर, इन दिनों सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर बलरामपुर स्थित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय और रामानुजगंज कार्यालय की तस्वीरें चर्चा में हैं। तस्वीरों में दोनों कार्यालयों की स्थिति में बड़ा अंतर नजर आ रहा है। बलरामपुर में स्थित डीईओ कार्यालय बेहतर साज-सज्जा और सुविधाओं से युक्त दिखाई देता है, जबकि रामानुजगंज स्थित कार्यालय की हालत काफी जर्जर नजर आ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दिनों में रामानुजगंज स्थित कार्यालय की खपड़ैल छत से पानी टपकने की स्थिति बन जाती है। कार्यालय में मूलभूत सुविधाओं और रखरखाव की स्थिति भी सवाल खड़े करती है। यहां तक कि कार्यालय के बाहर जिला शिक्षा अधिकारी के नाम की पट्टिका तक नहीं लगी होने की बात सामने आ रही है।
एक तरफ चमकता कार्यालय, दूसरी तरफ बदहाल व्यवस्था
रामानुजगंज के लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस कार्यालय को यहां लाने के लिए वर्षों तक संघर्ष किया गया, उसे आज तक बेहतर भवन और आवश्यक सुविधाएं क्यों नहीं मिल सकीं? यदि जिला मुख्यालय में विभागीय कार्यालयों के लिए बेहतर व्यवस्था की जा रही है तो रामानुजगंज स्थित डीईओ कार्यालय की उपेक्षा क्यों हो रही है?
लोगों का कहना है कि कार्यालय की खराब स्थिति को सुधारने के बजाय यदि बलरामपुर में सुविधाएं बढ़ाई जाती रहीं और रामानुजगंज कार्यालय को धीरे-धीरे कमजोर किया गया, तो इससे स्वाभाविक रूप से स्थानांतरण की आशंका पैदा होगी।
स्थानीय लोगों में फिर बढ़ रहा आक्रोश
रामानुजगंज में डीईओ कार्यालय को लेकर पहले भी लोगों ने लंबा संघर्ष किया है। ऐसे में वर्तमान परिस्थितियों ने पुराने विवाद को फिर जिंदा कर दिया है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि कहीं कार्यालय को धीरे-धीरे बलरामपुर में पूरी तरह स्थानांतरित करने की दिशा में तो कदम नहीं बढ़ाए जा रहे हैं।
हालांकि, कार्यालय के औपचारिक रूप से स्थानांतरण को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट आधिकारिक आदेश सामने नहीं आया है। ऐसे में तस्वीरों और चर्चाओं के आधार पर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। लेकिन रामानुजगंज के लोगों की चिंता यह है कि यदि कार्यालय यहीं रहना है तो इसकी स्थिति में सुधार क्यों नहीं किया जा रहा है और यहां जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के रूप में स्पष्ट पहचान तक क्यों नहीं दिखाई दे रही।
अब लोगों की नजर प्रशासन के रुख पर
हाईकोर्ट के आदेश के बाद रामानुजगंज में स्थापित हुए इस कार्यालय को लेकर स्थानीय लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। यही कारण है कि वर्तमान स्थिति पर प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से स्पष्ट स्थिति सामने आना जरूरी है। लोगों की मांग है कि डीईओ कार्यालय के संचालन, उसके स्थान और दोनों जगहों पर हो रहे कामकाज की स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि वर्षों पुराने विवाद को लेकर किसी तरह की भ्रम की स्थिति न बने।
वहीं, इस संबंध में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि, हाईकोर्ट का यदि आदेश है तो बलरामपुर में कैसे संचालित है? इस संबंध में मुझे नहीं पता हैं। पता करती हूं, यदी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में नहीं पहुंच रहे हैं तो खबर लेती हूं।
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