
रांची। झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहा विवाद सरकार के कई परीक्षाएं रद्द करने के फैसले के बाद भी थमता नजर नहीं आ रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से CGL समेत विवादित परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद अब JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने सरकार पर निशाना साधा है। मंच ने परीक्षाएं रद्द करने के फैसले को छात्रों की मूल मांग का समाधान नहीं बताते हुए इसे ‘लॉलीपॉप’ करार दिया है।
मंगलवार को जयपाल सिंह स्टेडियम में मंच के नेतृत्वकर्ता राधे कुमार ने कहा कि आंदोलन का मुख्य मुद्दा केवल परीक्षाएं रद्द कराना नहीं, बल्कि कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच कराना है। उन्होंने कहा कि जब तक पूरे मामले की CBI जांच की मांग स्वीकार नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
‘सरकार CBI जांच की मांग से पीछे हट रही’
राधे कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार CBI जांच की मांग से पीछे हट रही है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब CGL परीक्षा से नौकरी पाने वाले कर्मचारी भी पूरे मामले की CBI जांच की मांग कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर इससे संबंधित कई तरह के बयान सामने आ रहे हैं, तो सरकार जांच कराने से क्यों बच रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने में उसे किस बात का डर है।
‘जांच हुई तो सामने आएगा पूरा नेटवर्क’
रिफॉर्म मंच के नेतृत्वकर्ता ने आरोप लगाया कि CBI जांच होने पर परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि नौकरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर मोटी रकम लेने वाले लोगों की पहचान भी जांच के दौरान हो सकती है।
राधे कुमार ने आरोप लगाया कि इन्हीं कारणों से सरकार CBI जांच की मांग से पीछे हट रही है। हालांकि, ये आरोप मंच की ओर से लगाए गए हैं।
‘परीक्षा रद्द करने से खत्म नहीं होगा विवाद’
राधे कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा से विवाद खत्म नहीं होगा। उनके मुताबिक असली सवाल परीक्षा में कथित गड़बड़ी, इसके लिए जिम्मेदार लोगों और पूरे नेटवर्क की पहचान का है।
उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सके और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो।
CBI जांच की मांग पर अड़ा रिफॉर्म मंच
राधे कुमार ने कहा कि पूर्व से चल रहे आंदोलन का प्रमुख मुद्दा CGL सहित पूरे मामले की CBI जांच रहा है। मंच इस मांग से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि विवादित परीक्षाओं को रद्द करना पर्याप्त नहीं है और जब तक CBI जांच की मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।
इस तरह सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले के बाद जहां एक ओर आंदोलनकारी छात्रों के एक वर्ग ने इसे बड़ी राहत माना है, वहीं रिफॉर्म मंच ने नई मांग के साथ आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर दिया है।
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