
रांची। जेपीएससी, जेएसएससी और अन्य प्रतियोगी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच बुधवार को सरकार ने वार्ता की पहल की। एसडीओ और एडीएम-लॉ एंड ऑर्डर धरनास्थल पहुंचे और छात्र प्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री से बातचीत का निमंत्रण दिया। हालांकि, आंदोलनरत छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास जाकर वार्ता करने से इनकार कर दिया। छात्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री को खुद धरनास्थल पर आकर सभी आंदोलनकारियों के बीच बातचीत करनी चाहिए।
प्रशासन की ओर से छात्र प्रतिनिधियों को बताया गया कि मुख्यमंत्री ने बुधवार शाम चार बजे मुख्यमंत्री आवास में बैठक का प्रस्ताव दिया है। इसके लिए पांच छात्र प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया था। सरकार की ओर से बताया गया कि बैठक में छात्रों की मांगों पर विस्तार से चर्चा कर समाधान की दिशा में पहल की जाएगी।
हालांकि, आंदोलनकारी छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास जाकर बातचीत करने के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। छात्रों का कहना है कि यह किसी पांच व्यक्तियों का निजी मामला नहीं, बल्कि पूरे राज्य के प्रतियोगी छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा आंदोलन है। ऐसे में सरकार को सीमित प्रतिनिधियों के साथ बंद कमरे में बातचीत करने के बजाय मुख्यमंत्री को स्वयं धरनास्थल पर आकर सभी छात्रों से संवाद करना चाहिए।
छात्रों ने कहा कि केवल वार्ता का निमंत्रण देना पर्याप्त नहीं है। उनकी प्रमुख मांगों में 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा, जेएसएससी-सीजीएल, टीडीपीएल और अन्य भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती प्रक्रिया तथा आंदोलन के दौरान उठाई गई मांगों पर ठोस कार्रवाई शामिल है।
आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय लेकर प्रभावी कार्रवाई नहीं करती, तब तक अनिश्चितकालीन धरना, सत्याग्रह और आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों का कहना है कि यह संघर्ष केवल कुछ अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं और प्रतियोगी परीक्षार्थियों के भविष्य से जुड़ा है।
छात्रों ने यह भी कहा कि यदि सरकार वास्तव में संवाद के जरिए समाधान चाहती है तो मुख्यमंत्री को धरनास्थल पर आकर सभी आंदोलनरत छात्रों के समक्ष अपना पक्ष रखना चाहिए। उनके अनुसार, इससे सरकार की मंशा स्पष्ट होगी और आंदोलनकारियों का विश्वास भी कायम होगा।
उल्लेखनीय है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, धांधली और अनियमितताओं के विरोध में अभ्यर्थी 29 जुलाई से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह पर बैठे हैं। आंदोलनकारी विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं।
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