
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर-रामानुजगंज सनावल मुख्य मार्ग पर गरीबों में वितरण के लिए भेजा गया चना सड़क किनारे भारी मात्रा में फेंका मिला। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। नीलकंठपुर मोड़ से दक्षिण दिशा में करीब 300 मीटर दूर सड़क किनारे बड़ी मात्रा में सड़ा हुआ चना बिखरा पड़ा मिला। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह वही चना है, जिसे उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से गरीब परिवारों में बांटा जाना था।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों की लापरवाही अथवा मिलीभगत के कारण गरीबों के हक का अनाज खुलेआम सड़क किनारे फेंक दिया गया। लोगों ने कहा कि शासन गरीबों के लिए मुफ्त राशन योजना चला रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर इस तरह की लापरवाही योजनाओं की मंशा पर सवाल खड़े कर रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार चना पहले गोदाम तक पहुंचा था, लेकिन समय पर वितरण नहीं होने के कारण वह खराब होने लगा। आरोप लगाया गया कि लापरवाही छिपाने के लिए खराब हो चुके चने को सड़क किनारे फिंकवा दिया गया। ग्रामीणों ने इसे गरीबों के हक और उनके पेट के साथ खिलवाड़ बताया।
लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर यह चना परिवहन के दौरान फेंका गया या फिर उचित मूल्य दुकान तक पहुंचने से पहले ही गरीबों के हिस्से का राशन गायब कर दिया गया। ग्रामीणों ने मामले में जिम्मेदार अधिकारियों, परिवहनकर्ताओं और राशन दुकान संचालकों की मिलीभगत की आशंका जताई है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पता लगाया जाए कि यह चना किस गोदाम अथवा किस उचित मूल्य दुकान का था और किन परिस्थितियों में इसे सड़क किनारे फेंका गया। साथ ही दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग भी की गई है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई : खाद्य अधिकारी
मामले को लेकर रामानुजगंज खाद्य अधिकारी छबीला पैकरा ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है और इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह चना सार्वजनिक वितरण प्रणाली का पाया जाता है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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