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कभी उत्तर छत्तीसगढ़ में नक्सली संगठन का एरिया कमांडर रहा बलरामपुर का सीताराम सोनवानी अब परिवार के साथ सामान्य जिंदगी बिता रहा है। गरीबी के कारण 1998 में एमसीसीआई में शामिल हुआ सीताराम 2005 में संगठन छोड़कर असम चला गया था। पत्नी के समझाने पर 2021 में आत्मसमर्पण किया। 14 महीने जेल में रहने के बाद उसे पक्का मकान मिला। अब जिले के 24 आत्मसमर्पित पूर्व नक्सलियों को कुल 3.45 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है।

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले का एक परिवार करीब पांच दशक से रामानुजगंज में मां दुर्गा की प्रतिमाएं बना रहा है। पिता काशीनाथ सूत्रधार ने इस परंपरा की शुरुआत की थी, जिसे अब 64 वर्षीय दुर्गा दास सूत्रधार और उनके बेटे आगे बढ़ा रहे हैं। हर साल नवरात्र से एक महीने पहले पूरा परिवार रामानुजगंज पहुंचता है और दो से तीन पूजा पंडालों के लिए आकर्षक प्रतिमाएं तैयार करता है।

बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में सात पहाड़ियों की सबसे ऊंची चोटी मालकेतु पर्वत पर विराजमान पहाड़ी वाली माई का मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है। नवरात्र में छत्तीसगढ़ के अलावा झारखंड, उत्तरप्रदेश और बिहार से भी भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मान्यता है कि माता के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होती है। मंदिर तक पहुंचने के लिए 296 सीढ़ियां और सीसी सड़क बनाई गई है।

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज की करीब 92 साल पुरानी अस्पताल की इमारत आज भी शहर के इतिहास की गवाही दे रही है। वर्ष 1934 में तत्कालीन सरगुजा स्टेट के महाराजा रामानुज शरण सिंहदेव ने यहां पहला अस्पताल बनवाया था। आज इस भवन में किशोर न्यायालय संचालित है, लेकिन रखरखाव के अभाव में बारिश के दौरान कई जगह छत से पानी टपकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस ऐतिहासिक इमारत की मरम्मत और संरक्षण की मांग की है।

छत्तीसगढ़ में मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ने लगे हैं। बलरामपुर जिले के रामानुजगंज स्थित 100 बिस्तर अस्पताल की OPD में रोजाना करीब 300 से 350 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। दूसरी ओर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामले भी बढ़े हैं और 9 सितंबर तक संक्रमित मरीजों की संख्या 344 पहुंच गई है।

उत्तरी छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के बाद कन्हर नदी उफान पर है। रामानुजगंज के पलटन घाट के पास खुरसा नाले की पुलिया करीब 15 फीट पानी में डूब गई है, जिससे कनकपुर के अलमागोदाम और लुर्गी के खुटहन पारा के करीब 20 से 25 घरों का नगर से संपर्क कट गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ हालात और बिगड़ने की आशंका है।

ऑफबीट न्यूज द्वारा प्रतिबंध के बावजूद शहर के भीतर भारी वाहनों की आवाजाही उजागर किए जाने के बाद यातायात पुलिस हरकत में आ गई। रामानुजगंज के लरंगसाय चौक में रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक विशेष अभियान चलाकर 41 प्रकरण बनाए गए और कुल 98,600 रुपये का चालान काटा गया। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

केसीसी ऋण और धान खरीदी भुगतान विवाद को लेकर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रामानुजगंज के सामने पांच दिनों से चल रहा किसानों का आंदोलन प्रशासन के आश्वासन के बाद फिलहाल स्थगित हो गया। एसडीएम आनंद नेताम ने आंदोलनरत किसानों को जूस पिलाकर क्रमिक भूख हड़ताल समाप्त कराई। किसानों ने चेतावनी दी है कि 23 जून तक समाधान नहीं होने पर आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा।

रामानुजगंज के 100 बिस्तरीय अस्पताल के उन्नयन के लिए 1.65 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर, डायलिसिस यूनिट और ब्लड स्टोरेज यूनिट शुरू होने से बलरामपुर, आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और झारखंड सीमा से आने वाले हजारों मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी।

रामचंद्रपुर-रामानुजगंज मार्ग पर नीलकंठपुर मोड़ के पास सड़क किनारे भारी मात्रा में सड़ा हुआ चना मिलने से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गरीबों में बांटने के लिए भेजा गया चना लापरवाही छिपाने के लिए फेंक दिया गया। मामले में जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठी है।