
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में शनिवार सुबह हाथी की मौजूदगी के बीच महुआ संग्रहण के दौरान एक नाबालिग की मौत हो गई। घटना के बाद भी ग्रामीणों द्वारा लापरवाही बरतते हुए घटनास्थल के आसपास महुआ बीनते रहने की स्थिति सामने आई है, जिस पर वन विभाग ने गंभीर चिंता जताई है।
रामानुजगंज वन परिक्षेत्र अंतर्गत ढापन पानी जंगल क्षेत्र में शनिवार सुबह यह घटना हुई। झारखंड के बरदरी निवासी पिंकी कुमारी (17) अपने परिजनों के यहां ग्राम चीनिया के जामुन पारा आई हुई थी और सुबह लगभग छह बजे परिवार के अन्य सदस्यों के साथ महुआ बीनने जंगल गई थी।
वन विभाग के अनुसार, सुबह करीब 7:30 बजे क्षेत्र में सक्रिय हाथियों के दल में से एक हाथी अचानक सामने आ गया। इस दौरान पिंकी कुमारी उसकी चपेट में आ गई, जबकि साथ में मौजूद सत्यनारायण कोरवा भागने के दौरान घायल हो गए। उन्हें प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया है।
घटना के बाद भी स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लापरवाही सामने आई। जानकारी के अनुसार, जहां मृतिका का शव पड़ा हुआ था, वहीं आसपास कुछ दूरी पर लोग महुआ बीनते रहे। वन विभाग द्वारा पूर्व में मुनादी कराकर ग्रामीणों को जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में सुबह के समय न जाने की लगातार समझाइश दी जा रही है, इसके बावजूद लोग जोखिम उठा रहे हैं।
रामानुजगंज फॉरेस्ट रेंज में वर्तमान में 22 हाथियों का दल सक्रिय है, जिसमें 7 नर, 10 मादाएं और 5 शावक शामिल हैं। घटना के बाद वन परिक्षेत्र अधिकारी निखिल सक्सेना के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
वन विभाग द्वारा मृतिका के परिजनों को तत्काल 25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान कर दी गई है, जबकि शेष 5 लाख 75 हजार रुपये की राशि एक सप्ताह के भीतर प्रदान की जाएगी। विभाग ने एक बार फिर आमजन से अपील की है कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और हाथियों की गतिविधियों वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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