
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। जिले में बुधवार 20 मई को दवा व्यापारियों का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। बलरामपुर-रामानुजगंज औषधि विक्रेता संघ के आह्वान पर जिलेभर की मेडिकल दुकानों को एक दिवसीय सांकेतिक बंद रखा गया। रामानुजगंज नगर की लगभग सभी मेडिकल दुकानें बंद रहीं। इस दौरान दवा व्यापारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
दवा व्यापारियों ने रामानुजगंज एसडीएम आनंदराम नेताम को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि ऑनलाइन माध्यम से अवैध रूप से दवाओं की बिक्री लगातार बढ़ रही है। बिना वैध चिकित्सकीय परामर्श और बिना प्रमाणित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की बिक्री मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर भारी छूट और डीप डिस्काउंटिंग की नीति से छोटे मेडिकल संचालकों का व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 एवं नियम 1945 में ऑनलाइन दवा बिक्री का स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के बावजूद कई ऑनलाइन कंपनियां दवाओं की बिक्री कर रही हैं। व्यापारियों ने वर्ष 2018 में जारी GSR 817(E) तथा कोविड काल के दौरान लागू GSR 220(E) नियमों को वापस लेने की मांग भी उठाई है।
औषधि विक्रेता संघ ने केंद्र सरकार से अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाने, बिना वैध ई-प्रिस्क्रिप्शन दवा बिक्री और होम डिलीवरी बंद कराने तथा ऑनलाइन कंपनियों की कथित प्रीडेटरी प्राइसिंग नीति पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
व्यापारियों ने कहा कि देशभर के केमिस्ट लंबे समय से स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी रहे हैं। कोविड महामारी जैसे कठिन समय में भी दवा व्यापारियों ने निर्बाध दवा आपूर्ति सुनिश्चित कर अपनी जिम्मेदारी निभाई थी। ऐसे में सरकार को जनस्वास्थ्य और छोटे व्यापारियों के हित में जल्द ठोस निर्णय लेना चाहिए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में दवा व्यापारी मौजूद रहे।
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