
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। जिले के वाड्रफनगर तहसील कार्यालय और सिविल कोर्ट परिसर में सुनवाई के दौरान हुए विवाद और मारपीट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश अब भी जारी है।
पुलिस चौकी वाड्रफनगर, थाना बसंतपुर क्षेत्र में दर्ज अपराध क्रमांक 80/2026 के तहत पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, 19 मई 2026 को तहसील कार्यालय में एक प्रकरण की सुनवाई चल रही थी। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और बात गाली-गलौज से मारपीट तक पहुंच गई।
बताया गया कि सुनवाई के दौरान उपस्थित पक्षकारों और उनके साथ आए लोगों के बीच पहले बहस हुई, जिसके बाद तहसील एवं सिविल कोर्ट परिसर में हंगामा और मारपीट शुरू हो गई। इस घटना से न्यायालयीन कार्य प्रभावित हुआ और परिसर में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। पुलिस के अनुसार, घटना से न्यायालय की गरिमा प्रभावित होने के साथ ही सरकारी कार्य में भी बाधा उत्पन्न हुई।
मामले की सूचना मिलते ही वाड्रफनगर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और रात में दबिश देकर 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में अफजल, इलियास, इलियासुद्दीन, अमरनाथ गहरवरिया, इद्रास, उदयनाथ गहरवरिया, रामसकल वर्मा, चंद्रवती गहरवरिया, दिनेश पटेल और मनबधरी खेरा शामिल हैं। सभी आरोपी ग्राम परसडीहा, तहसील वाड्रफनगर, जिला बलरामपुर के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट, अशांति फैलाने और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपियों को बुधवार 20 मई को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
वहीं, पुलिस अधीक्षक बलरामपुर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिले में कानून व्यवस्था बिगाड़ने, न्यायालयीन कार्य में बाधा डालने और आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस द्वारा ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात कही गई है।
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