
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में संभावित ईंधन संकट और जमाखोरी की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मंगलवार देर रात रामानुजगंज तहसीलदार मनोज पैकरा एवं थाना प्रभारी अजय साहू ने नगर के विभिन्न पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण कर उपलब्ध स्टॉक की जानकारी ली। इस दौरान पेट्रोल पंप संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी स्थिति में डब्बा, बोतल या जेरीकेन में पेट्रोल-डीजल न दिया जाए और दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों को निर्धारित सीमा के अनुसार ही ईंधन उपलब्ध कराया जाए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि शासन के आदेशों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की टीम ने पंपों में उपलब्ध पेट्रोल और डीजल स्टॉक का मिलान भी किया तथा आवश्यक सेवाओं के लिए पर्याप्त ईंधन सुरक्षित रखने के निर्देश दिए।
दरअसल, बलरामपुर जिले के अपर कलेक्टर द्वारा 18 मई को एक आदेश जारी किया गया है। आदेश में कहा गया है कि वर्तमान परिस्थितियों में ईंधन आपूर्ति अनियमित होने तथा लोगों द्वारा अनावश्यक खरीदारी किए जाने के कारण जमाखोरी और अव्यवस्था की स्थिति बन सकती है। इसी को देखते हुए पेट्रोल पंपों को वाहनों में सीमित मात्रा में ही पेट्रोल-डीजल विक्रय करने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश के मुताबिक पेट्रोल और डीजल को ड्रम, जेरीकेन या बोतल में बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई पंप संचालक ऐसा करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही एम्बुलेंस, शासकीय वाहन एवं अन्य आवश्यक सेवाओं में लगे वाहनों को प्राथमिकता के आधार पर ईंधन उपलब्ध कराने को कहा गया है।

प्रशासन ने यह भी निर्देशित किया है कि प्रत्येक पेट्रोल पंप में डेड स्टॉक के अतिरिक्त कम से कम 2000 लीटर डीजल और 1000 लीटर पेट्रोल सुरक्षित रखा जाए, ताकि आपात स्थिति में आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों।
उल्लेखनीय है कि, जिला प्रशासन ईंधन की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए पूरी गंभीरता से निगरानी कर रहा है।
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