
बलरामपुर। सोमनाथ आस्था के 1000 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सोमवार को बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ विकासखंड स्थित ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल सामंत सरना डीपाडीह में जिला स्तरीय “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में संस्कृति, आस्था और जनजातीय विरासत की अनूठी झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, सामरी विधायक उद्देश्वरी पैकरा, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने पूजा-अर्चना कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। स्थानीय पुजारी ने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर प्रधानमंत्री ने विशेष डाक टिकट तथा 75 रुपये का स्मारक चांदी का सिक्का भी जारी किया, जिसे देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के सम्मान का प्रतीक बताया गया।
कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं ने आकर्षक शिव तांडव नृत्य प्रस्तुत किया। प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया और पूरा परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर हो उठा। छात्राओं ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से भारतीय संस्कृति और भगवान शिव के प्रति श्रद्धा का सुंदर संदेश दिया।
सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि भारत की पहचान उसकी प्राचीन सभ्यता, समृद्ध संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पुनर्निर्माण देश के स्वाभिमान और आस्था का प्रतीक है। साथ ही उन्होंने सामंत सरना डीपाडीह को ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल बताते हुए इसे सांस्कृतिक विरासत का केंद्र बताया।
विधायक उद्देश्वरी पैकरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों को नई पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि सामंत सरना आदिवासी संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रमुख केंद्र है। गलफुला, कन्हर और सुरिया नदियों के संगम पर स्थित होने के कारण इसकी धार्मिक महत्ता और बढ़ जाती है।
रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल ने कहा कि देश के धार्मिक स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास में कई बार आस्था को तोड़ने के प्रयास हुए, लेकिन देशवासियों की श्रद्धा कभी कमजोर नहीं पड़ी।
जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर ने कहा कि सोमनाथ मंदिर देश की धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, इतिहास और परंपराओं से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान जनजातीय संस्कृति पर आधारित प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। यहां पारंपरिक वाद्य यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक सामग्रियों का प्रदर्शन किया गया। स्थानीय कलाकारों और ग्रामीणों ने अपनी परंपराओं की जीवंत झलक प्रस्तुत की। वहीं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान समूह की महिलाओं ने अपने उत्पादों और हस्तनिर्मित कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई।
इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष चिंतामणि भगत, जनपद उपाध्यक्ष प्रियंगदा देव, एसडीएम अनमोल विवेक टोप्पो, जनपद सीईओ वेद प्रकाश पांडे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु मौजूद रहे। जिले के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर भी सोमनाथ स्वाभिमान पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया गया।
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