
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। बलरामपुर-रामानुजगंज जिला न्यायालय ने न्यायालयीन आदेशों की अवहेलना और निर्धारित तिथियों पर लगातार अनुपस्थित रहने के मामले में कोरिया जिले में पदस्थ उपनिरीक्षक विनोद पासवान के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन पर 500 रुपये का अर्थदंड लगाया है। न्यायालय ने यह राशि उनके वेतन से काटकर जमा कराने का निर्देश भी दिया है।
प्रकरण की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने जिले की विभिन्न अदालतों से लंबित मामलों की जानकारी मंगाई। प्राप्त रिपोर्ट में सामने आया कि उपनिरीक्षक विनोद पासवान कई सत्र प्रकरणों में गवाह के रूप में सूचीबद्ध हैं। इनमें वर्ष 2022 और 2023 से लंबित प्रकरण भी शामिल हैं, जिनमें उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कई बार समन, जमानती वारंट और गिरफ्तारी वारंट तक जारी किए जा चुके थे।
अदालत में प्रस्तुत जवाब में उपनिरीक्षक ने बताया कि वे थाना सोनहत, जिला कोरिया में दर्ज एक प्रकरण की विवेचना तथा सीबीआई को केस डायरी सौंपने जैसी शासकीय जिम्मेदारियों में व्यस्त थे। इसी कारण वे न्यायालय में उपस्थित नहीं हो सके।
हालांकि न्यायालय ने उनके जवाब को संतोषजनक नहीं माना। आदेश में उल्लेख किया गया कि पूर्व में समन की विधिवत तामील होने और जमानती वारंट जारी होने के बावजूद निर्धारित तिथियों पर न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए। उन्होंने अनुपस्थिति के संबंध में ऐसा कोई ठोस कारण भी प्रस्तुत नहीं किया, जिससे उनकी गैरहाजिरी को उचित ठहराया जा सके।
न्यायालय ने माना कि उपनिरीक्षक की लगातार अनुपस्थिति से लंबित मामलों की सुनवाई प्रभावित हुई और न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब हुआ। इसे न्यायालय के आदेशों की अवहेलना मानते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 389 के तहत 500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक, जिला कोरिया को आदेश की प्रति भेजते हुए निर्देश दिया है कि उपनिरीक्षक के वेतन से 500 रुपये की कटौती कर राशि न्यायालय में जमा कराई जाए। साथ ही प्रकरण को आदेश के पालन के लिए 17 अगस्त 2026 की तिथि निर्धारित की गई है।
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