Close Menu
Offbeat News Offbeat News
    🔴 OFFBEAT LATEST NEWS

    शिक्षक एक पीढ़ी के चरित्र और सोच का निर्माता होता है: मंत्री रामविचार नेताम

    September 5, 2026

    13 साल बाद झीरम घाटी नरसंहार पर आया फैसला, कोर्ट ने सभी 10 आरोपितों को दोषी ठहराया; 32 मौतों से दहला था छत्तीसगढ़

    September 5, 2026

    मंत्री नेताम मुख्य अतिथि वाले कार्यक्रम में भाजपा पार्षद को ही न्योता नहीं, डीईओ पर भड़के कार्यकर्ता

    September 5, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    Offbeat News Offbeat News
    Trending
    • शिक्षक एक पीढ़ी के चरित्र और सोच का निर्माता होता है: मंत्री रामविचार नेताम
    • 13 साल बाद झीरम घाटी नरसंहार पर आया फैसला, कोर्ट ने सभी 10 आरोपितों को दोषी ठहराया; 32 मौतों से दहला था छत्तीसगढ़
    • मंत्री नेताम मुख्य अतिथि वाले कार्यक्रम में भाजपा पार्षद को ही न्योता नहीं, डीईओ पर भड़के कार्यकर्ता
    • अंबिकापुर में मैदान में बैठे युवकों पर फादर ने चलाई एयरगन, छर्रा लगने से युवक घायल; गड़ासा दिखाकर धमकाने का भी आरोप
    • रामानुजगंज के डीईओ कार्यालय पर फिर उठे सवाल, खपड़ैल छत से टपकता पानी तो बलरामपुर में सजा हाईटेक दफ्तर
    • रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में अवैध लकड़ी परिवहन पकड़ा गया, पिकअप से 7 नग साल की लकड़ी जब्त
    • रांची में आधी रात तक चला मटका फोड़ का रोमांच, एक के बाद एक टीमों ने आजमाई ताकत; आखिर किसने मारी बाजी?
    • रामानुजगंज के प्राचीन श्रीराम मंदिर में आज मनेगी जन्माष्टमी, 15 साल बाद बन रहा अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र का संयोग
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Offbeat Videos
    • 🏠 Home
    • 🚨 Crime
    • 🇮🇳 National
    • 🎓 Education
    • 🎬 Entertainment
    • ❤️ Health
    • 🌿 Life
    • 📍 State
    • 🔥 Offbeat
    • 🏛️ Politics
    • 💼 Business
    • 💰 Finance
    • 💻 Tech
    • 🏏 Sports
    • 📀 Video
    Offbeat News Offbeat News
    🟠
    • 🏠 Home
    • 🚨 Crime
    • 🇮🇳 National
    • 🎓 Education
    • 🎬 Entertainment
    • ❤️ Health
    • 🌿 Life
    • 📍 State
    • 🔥 Offbeat
    • 🏛️ Politics
    • 💼 Business
    • 💰 Finance
    • 💻 Tech
    • 🏏 Sports
    • 📀 Video
    Home»State»हेमंत सरकार को राजभवन में बड़ा झटका: 1932 के खतियान आधारित स्थानीय नीति संबंधित विधेयक को राज्यपाल ने लौटाया, जानिए कारण….
    State

    हेमंत सरकार को राजभवन में बड़ा झटका: 1932 के खतियान आधारित स्थानीय नीति संबंधित विधेयक को राज्यपाल ने लौटाया, जानिए कारण….

    Offbeat NewsBy Offbeat NewsJanuary 30, 2023
    Facebook Twitter WhatsApp Threads Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Email WhatsApp

    रांची। झारखंड सरकार को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। राज्यपाल रमेश बैस ने विधानसभा से पारित 1932 के खतियान आधारित स्थानीय नीति विधेयक-2022 को लौटा दिया है। कहा है कि सरकार इस विधेयक की वैधानिकता की गंभीरता से समीक्षा करे कि यह संविधान और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप हो।

    राज्यपाल ने लिखा है कि इस मामले में विधि विभाग ने भी सवाल उठाया था। विधेयक के प्रावधान सुप्रीम कोर्ट और झारखंड हाईकोर्ट द्वारा पारित कई फैसलों के अनुरूप नहीं है।

    WhatsApp Group Join Now
    Facebook Page Follow Us

    साथ ही यह भारतीय संविधान के भाग III के अनुच्छेद 14, 15, 16 (2) में प्रदत्त मूल अधिकार से असंगत और प्रतिकूल प्रभाव रखने वाला प्रतीत होता है, जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 13 से भी प्रभावित होगा और अनावश्यक वाद-विवादों को जन्म देगा।

    गौरतलब है कि झारखंड स्थानीय व्यक्तियों की परिभाषा और परिणामी सामाजिक, सांस्कृतिक और अन्य लाभों को ऐसे स्थानीय व्यक्तियों तक विस्तारित करने के लिए विधेयक-2022 विधानसभा में 11 नवंबर को पारित हुआ था। इसे मंजूरी के लिए राज्यपाल को भेजा गया था। साथ ही इसे राष्ट्रपति की सहमति के लिए भेजने का अनुरोध किया था।

    इस विधेयक के मुताबिक स्थानीय व्यक्ति वही होगा जो भारतीय नागरिक है और झारखंड की क्षेत्रीय और भौगोलिक सीमा में रहता है। उसका या उसके पूर्वजों का नाम 1932 या उससे पहले के खतियान में दर्ज है। इस अधिनियम के तहत पहचाने गए स्थानीय व्यक्ति ही राज्य में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति के लिए पात्र होंगे।

    नियोजन के मामले में सभी नागरिकों के अधिकार समान

    राज्यपाल ने इस विधेयक और प्रस्तावित अधिनियम की वैधानिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब राज्य विधानमंडल को यह अधिकार नहीं है कि वह ऐसे मामले में कोई विधेयक पारित कर सकती है तो इसकी वैधानिकता पर गंभीर प्रश्न उठता है। समीक्षा में पाया गया है कि संविधान की धारा 16 में सभी नागरिकों को नियोजन के मामले में समान अधिकार प्राप्त है।

    संविधान की धारा 16(3) के अनुसार सिर्फ संसद को यह अधिकार है कि वह विशेष प्रावधान के तहत धारा 35 (ए) के तहत नियोजन के मामले में किसी भी प्रकार की शर्तें लगा सकता है।

    इन केसों का दिया है हवाला

    राज्यपाल ने लिखा है कि एवीएस नरसिम्हा राव एवं अन्य बनाम आंध्र प्रदेश एवं अन्य (एआईआर 1970 सुप्रीम कोर्ट 422) में भी स्पष्ट व्याख्या की गई है कि नियोजन के मामले में किसी भी प्रकार की शर्तें लगाने का अधिकार सिर्फ संसद को है। इस प्रकार यह विधेयक संविधान के प्रावधान और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विपरीत है।

    झारखंड में पांचवीं अनुसूची के तहत अधिसूचित क्षेत्र में शत-प्रतिशत स्थानीय व्यक्ति को नौकरी में आरक्षण देने पर सुप्रीम कोर्ट का संवैधानिक बेंच स्पष्ट निर्देश जारी कर चुका है। उस आदेश में भी सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित क्षेत्रों में नियुक्तियों की शर्तें लगाने के राज्यपाल की शक्तियों को भी संविधान की धारा 16 के विपरीत घोषित किया था।

    सत्यजीत कुमार बनाम झारखंड के मामले में भी फिर सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुसूचित क्षेत्रों में राज्य द्वारा दिए गए शत प्रतिशत आरक्षण को असंवैधानिक बताया था।

    झारखंड के भूमिहीन आदिवासी भी लाभ से हो जाएंगे वंचित

    राज्यपाल ने जिन बिंदुओं को उठाया है, वह पहले भी उठा था। राज्य के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के कार्यकाल में 1932 के खतियान आधारित स्थानीय नीति का फैसला हुआ था। इस पर काफी हंगामा हुआ था। बाद में परिस्थिति को देखते हुए उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

    मैं समझता हूं कि राज्यपाल ने भी विधि-विशेषज्ञों से राय लेने के बाद ही विधेयक को लौटाया है। 1932 के खतियान आधारित स्थानीय नीति बनने से कई पुश्तों से यहां रह रहे लोग छूट जाएंगे। भूमिहीन आदिवासी भी लाभ से वंचित हो जाएंगे।

    अब आगे क्या होगा? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि यह तो सरकार के स्तर पर निर्भर करता है कि वह कौन सा कदम उठाती है। लेकिन मुझे लगता है कि राज्य सरकार इस मामले में फिर से विधि विशेषज्ञों की राय लेगी और उस अनुरूप कदम उठाएगी। यदि विधि विशेषज्ञ और राज्य सरकार इसे विधि सम्मत मानेगी तो उसे फिर से इसे विधानसभा से पारित कराकर राज्यपाल के पास भेजना होगा।

    ये भी पढ़िए….

    आजसू नेता रोशन लाल चौधरी की वाहन जांच, थाना पर बैठना पड़ा, मिला 1 लाख

    Post Views: 864
    Offbeat News Ranchi News
    Previous Articleआजसू नेता रोशन लाल चौधरी की वाहन जांच, थाना पर बैठना पड़ा, मिला 1 लाख
    Next Article 5 दिन में 500 करोड़ पार! बुलेट की रफ्तार से कमाई कर रही ‘पठान’
    Offbeat News
    • Website

    ऑफबीट न्यूज़ वर्ष 2022 से एक स्वतंत्र और भरोसेमंद डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म के रूप में सुधि पाठकों की सेवा कर रहा है। यह झारखंड, छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों की अहम, जमीनी और ऑफबीट खबरें निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करता है। ऑफबीट न्यूज़ का उद्देश्य जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देना और सच्ची पत्रकारिता को मजबूत करना है। इसके सीनियर एडिटर डॉक्टर अमरनाथ पाठक और रेजिडेंट एडिटर विष्णु पांडेय हैं, जिनके पास दशकों का पत्रकारिता अनुभव है। अनुभव, विश्वसनीयता और जनपक्षधर सोच के साथ ऑफबीट न्यूज़ लगातार पाठकों का भरोसा जीत रहा है।

    Related Posts

    काशी के मंच से हजारीबाग के डॉ. संजय सिंह का बड़ा सम्मान, नाम लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज; एक ही मंच से मिलीं कई उपाधियां

    September 3, 2026

    अभिनंदन वर्तमान ने अचानक छोड़ी वायुसेना की नौकरी, अब आसमान में दिखेगा नया अंदाज; जानिए कहां उड़ाएंगे यात्री विमान

    September 3, 2026

    RKDF यूनिवर्सिटी रांची में दूसरे चरण की काउंसलिंग शुरू, रिक्त सीटों पर सीधे प्रवेश का अवसर

    Sponsor: RKDF University, RanchiSeptember 1, 2026

    पीढ़ियों से मिट्टी में गढ़ रहे बप्पा की तस्वीर, महंगाई के बीच भी गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप दे रहे बंगाली कारीगर

    August 31, 2026
    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Latest News

    शिक्षक एक पीढ़ी के चरित्र और सोच का निर्माता होता है: मंत्री रामविचार नेताम

    September 5, 2026

    13 साल बाद झीरम घाटी नरसंहार पर आया फैसला, कोर्ट ने सभी 10 आरोपितों को दोषी ठहराया; 32 मौतों से दहला था छत्तीसगढ़

    September 5, 2026

    मंत्री नेताम मुख्य अतिथि वाले कार्यक्रम में भाजपा पार्षद को ही न्योता नहीं, डीईओ पर भड़के कार्यकर्ता

    September 5, 2026

    अंबिकापुर में मैदान में बैठे युवकों पर फादर ने चलाई एयरगन, छर्रा लगने से युवक घायल; गड़ासा दिखाकर धमकाने का भी आरोप

    September 4, 2026
    Latest Posts
    Featured

    देश में अबतक 56 करोड़ से ज्यादा लोगों को लगी वैक्सीन, पिछले 24 घंटे में 55 लाख से ज्यादा लोगों को लगा टीका

    October 27, 2022

    Offbeat News is dedicated to delivering fresh perspectives, unheard stories, and credible journalism that keeps you informed and inspired.

    We're social. Connect with us:

    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest YouTube
    Quick Links
    • Home
    • Sports
    • Health
    Follow Us
    • Facebook
    • WhatsApp
    Recent Post
    • शिक्षक एक पीढ़ी के चरित्र और सोच का निर्माता होता है: मंत्री रामविचार नेताम
    • 13 साल बाद झीरम घाटी नरसंहार पर आया फैसला, कोर्ट ने सभी 10 आरोपितों को दोषी ठहराया; 32 मौतों से दहला था छत्तीसगढ़
    • मंत्री नेताम मुख्य अतिथि वाले कार्यक्रम में भाजपा पार्षद को ही न्योता नहीं, डीईओ पर भड़के कार्यकर्ता
    • अंबिकापुर में मैदान में बैठे युवकों पर फादर ने चलाई एयरगन, छर्रा लगने से युवक घायल; गड़ासा दिखाकर धमकाने का भी आरोप
    • रामानुजगंज के डीईओ कार्यालय पर फिर उठे सवाल, खपड़ैल छत से टपकता पानी तो बलरामपुर में सजा हाईटेक दफ्तर
    © 2026 Designed by offbeatnews.in | An MSME-Registered News Portal

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.