- स्वर्णरेखा घाट पर जिंदा बम से खतरा: तकनीकी टीम का इंतजार, लापरवाही से बढ़ रहा जोखिम
- खल्लारी मंदिर में बड़ा हादसा: रोप-वे केबल टूटा, 20 फीट नीचे गिरी ट्रॉली; कई श्रद्धालु घायल
- सरहुल शोभायात्रा के दौरान बिछड़ा बच्चा रांची पुलिस की तत्परता से सुरक्षित परिजनों से मिला
- नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ चैती छठ महापर्व, रामानुजगंज में व्रतियों ने श्रद्धा से किया व्रत का आरंभ
- झारखंड में ईद-उल-फितर की रौनक: नमाज के बाद गले मिलकर दी मुबारकबाद, अमन-चैन की दुआ
- रांची में आज सरहुल शोभायात्रा: दोपहर से कई मार्ग बंद, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
- योगेंद्र साव 3 साल के लिए निष्कासित, सोरेन सरकार पर हमला पड़ा भारी
- झारखंड में आंधी-ओलावृष्टि और वज्रपात की चेतावनी, आपदा प्रबंधन-प्रशासन हाई अलर्ट पर
Author: Offbeat News
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बलरामपुर। बलरामपुर जिले में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिले स्वास्थ्य सुविधा की लचर व्यवस्था सामने आई है। बदहाल सड़क और पुल के अभाव के कारण महिला को प्रसव पीड़ा हुई और खुले आसमान में महिला ने बच्चे को जन्म दे दी। इसके बाद महिला पैदल अस्पताल पहुंची। फिलहाल, जच्चा-बच्चा दोनों रघुनाथनगर सिविल अस्पताल में भर्ती हैं। जहां उनका इलाज जारी है। मिली जानकारी अनुसार, पूरा मामला वाड्रफनगर विकासखण्ड के सोनहत गांव का है। यहां पंडों जनजाति की महिला नवजात के साथ पैदल नदी पार कर अस्पताल पहुंची। पुल और सड़क के आभाव में एंबुलेंस गांव तक…
अंबिकापुर। एक ओर जहां देशभर में “स्वच्छ भारत मिशन” के तहत शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने का संकल्प लिया गया है, वहीं छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले का सीतापुर नगर इसकी पूरी तरह से अनदेखी करता नजर आ रहा है। नगर पंचायत की लापरवाही के चलते पूरे नगर में गंदगी और कचरे का अंबार लग गया है, जिससे न सिर्फ नगर का सौंदर्य बिगड़ गया है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडराने लगा है। नगर के प्रमुख वार्डों में जगह-जगह सड़कों किनारे और मोहल्लों में कचरे के ढेर लगे हुए हैं। सफाईकर्मी जहां-तहां झाड़ू लगाकर कचरा छोड़…
पलामू। पलामू जिले के मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र में रविवार को खुखड़ी (जंगली सब्जी) चुनने जंगल गई मां, बेटी और नातिन की पहाड़ी नदी पार करते समय डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र के बटउआ गांव की रहने वाली शांति कुंवर पति स्व. सुदेशी रजवार, नातिन अंजलि कुमारी और बेटी काजल कुमारी के साथ हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीनों महिलाएं जंगल में खुखड़ी चुनने गई थीं। लौटते समय उन्हें पहाड़ी नाला पार करना था, लेकिन उस समय भारी बारिश के कारण पानी का बहाव तेज हो गया था। नाले से नीचे बहकर गौराहा डैम तक…
रांची। झारखंड आंदोलनकारी और आदिवासी समाज की आवाज रहे दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग उठने लगी है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर केंद्र सरकार से आग्रह किया कि गुरुजी के संघर्ष और योगदान को देखते हुए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। मंत्री अंसारी ने कहा कि शिबू सोरेन सिर्फ एक राजनेता नहीं थे, बल्कि एक आंदोलनकारी, जननायक और करोड़ों आदिवासियों की उम्मीद थे। उन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा को जीवन का मिशन बना लिया था। उन्होंने न सिर्फ झारखंड मुक्ति मोर्चा…
रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने दुनिया को अलविदा कह दिया है। उनके निधन से पूरे झारखंड में शोक की लहर है। आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पिता की अंतिम यात्रा से पहले उनके बेटे एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें याद करते हुए सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, ”मैं अपने जीवन के सबसे कठिन दिनों से गुजर रहा हूं। मेरे सिर से सिर्फ पिता का साया नहीं गया, झारखंड की आत्मा का स्तंभ चला गया। मैं उन्हें सिर्फ ‘बाबा’ नहीं कहता था।…
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के पिछड़े, जनजातीय और पहाड़ी अंचलों में शिक्षा की रोशनी पहुंचाने का जमीनी स्तर पर प्रयास अब सार्थक रूप ले रहा है। विद्यालयों के समुचित युक्तियुक्तकरण से प्रदेश के सबसे सुदूरवर्ती अंचलों तक शिक्षा की अलख जगाई जा रही है। इसका जीवंत उदाहरण है बलरामपुर विकासखंड का अति दुर्गम गांव बचवार, जहां शिक्षा अब केवल एक अधिकार नहीं बल्कि एक नए परिवर्तन की जीवंत कहानी बन चुकी है। बलरामपुर विकासखंड मुख्यालय से बचवार तक न सड़कें हैं, न परिवहन। फिर यहां शिक्षा की लौ तेजी से जगमगाने लगी है। यहां तक पहुंचने के लिए 8…
रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन का निधन नई दिल्ली स्थित सर गंगाराम अस्पताल में इलाज के दौरान हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे। गुरूजी ने 81 वर्ष की आयु में अंतिम सांसें ली। झारखंड के मुख्यमंत्री और शिबू सोरेन के बेटे हेमंत सोरन ने सोमवार को उनकी मृत्यु की जानकारी दी। देशभर में ‘दिशोम गुरु’ और ‘गुरुजी’ के नाम से पहचान बनाने वाले शिबू सोरेन एक संघर्षशील और जुझारू सख्शियत थे। शिबू सोरेन का जन्म रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में एकीकृत बिहार में 11 जनवरी 1944 को हुआ था। वे संथाल जनजाति…
रांची। सावन मास की चौथी और अंतिम सोमवारी को लेकर पहाड़ी मंदिर सहित रांची के सभी शिवालयों और मंदिरों में सोमवार सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी है। नामकुम के स्वर्ण रेखा नदी से रविवार रात जल लेकर पैदल भक्त पहाड़ी मंदिर पहुंचे और तड़के सुबह चार बजे मंदिर का पट खुलते ही जलार्पण शुरू हो गया है। पहाड़ी मंदिर के पास बोल बम का नारा है बाबा एक सहारा है, ओम नमः शिवाय और हर हर महादेव से पूरा वातावरण गूंज रहा है। लोग पहाड़ी मंदिर सहित अन्य शिवालयों में सुबह से जलार्पण कर सुख, समृद्धि और स्वस्थ…
हजारीबाग, (डॉ. अमरनाथ पाठक)। गोला प्रखंड अन्तर्गत बरलंगा पंचायत के रौ-रौ ग्राम के नेमरा टोला में एक आदिवासी परिवार निवास करता है। इस परिवार के मुखिया स्व. सोबरन मांझी राजा के लिए जनता से कर वसूली का कार्य किया करते थे। जनता के शोषण का यह कार्य इन्हें पसंद नहीं आया, और वे इस कार्य को छोड़कर गाँव के विद्यालय में अध्यापन का कार्य करने लगे। स्व. सोबरन मांझी को क्या पता था कि पाँच पुत्रों को जन्म देने वाली उनकी पत्नी सोना (मनी) ने 1942 में द्वितीय पुत्र के रूप में हीरे को जन्म दिया है। प्रथम पुत्र राम…
गोला। 83 वर्ष के उम्र में शिवचरण लाल, दिशोम गुरु शिबू सोरेन उर्फ गुरुजी हमलोगों को छोड़कर गोलोकधाम की ओर प्रस्थान कर गए। उनके साथ बिताये हुए एक-एक लम्हा हमें याद है, जब 1992 में उनके साथ मेरा साक्षात्कार हुआ था। नेमरा से दिल्ली जाकर उनके साथ रहते हुए साक्षात्कार लिया। अख़बार में प्रकाशित किया। पत्रिकाओं में प्रकाशित हुआ. किताबें बनीं। वो दिन याद है, जब हम उनके साथ दिल्ली आवास में थे और उसी दिन झारखण्ड स्वायत परिषद बना था। उनके बड़े भाई दिवंगत राजा राम सोरेन के पास डायरी के बीच में रखा पुराने कागज के टुकड़े, जिसमें दोनों…