
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। बलरामपुर जिले के रामानुजगंज स्थित चौपाटी में वर्षों से स्थायी रूप से ठेला लगाकर कब्जा जमाए व्यवसायियों पर रविवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। राजस्व विभाग, पुलिस और नगरपालिका की संयुक्त टीम ने चौपाटी पहुंचकर स्थायी रूप से रखे गए ठेलों को हटवाया। कार्रवाई के दौरान चौपाटी क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, रामानुजगंज नगरपालिका द्वारा करीब एक दशक पहले छोटे व्यवसायियों के रोजगार के लिए चौपाटी का निर्माण कराया गया था। यहां ठेला लगाकर व्यवसाय करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन समय के साथ कई व्यवसायियों ने इसे स्थायी जगह मान लिया और अपने ठेले वहीं स्थायी रूप से खड़े कर दिए। इसके चलते चौपाटी के भीतर जगह कम पड़ने लगी और कई दुकानदारों ने बाहर सड़क किनारे ठेला लगाना शुरू कर दिया।
चौपाटी के बाहर अंबिकापुर रोड पर ठेले लगने से लगातार जाम की स्थिति बन रही थी। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई थी। नगरपालिका प्रशासन ने पहले ही ठेला संचालकों को शाम के बाद अपने ठेले घर ले जाने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद कई लोग रातभर ठेले चौपाटी परिसर में ही छोड़ रहे थे।
लगातार मिल रही शिकायतों और यातायात बाधित होने की समस्या को देखते हुए रविवार को प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई की। इस दौरान लगभग एक दर्जन ठेलों को जब्त कर रामानुजगंज थाने में जमा कराया गया। कार्रवाई के बाद चौपाटी में हड़कंप की स्थिति बन गई।
बताया जा रहा है कि, रविवार को रामानुजगंज में बाजार जैसा माहौल रहता है और बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में ठेले जब्त होने से छोटे व्यवसायियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इस संबंध में रामानुजगंज नगरपालिका परिषद के सीएमओ सुधीर कुमार ने बताया कि कई महीनों से कुछ लोग चौपाटी में स्थायी कब्जा कर ठेला छोड़ रहे थे। इसके कारण अन्य व्यवसायियों को बाहर सड़क किनारे दुकान लगानी पड़ रही थी, जिससे जाम की स्थिति बनती थी और दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है।
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