बलरामपुर। बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में विद्यार्थियों को आशाराम बापू की पुस्तक ‘संस्कार सरिता’ वितरित किए जाने के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने कार्रवाई की है। विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य महेश कुमार प्रजापति को प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। उनकी जगह शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जनकपुर के व्याख्याता दुललेश्वर सिंह को प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से 28 अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार, वाड्रफनगर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी की ओर से प्रस्तुत प्रतिवेदन और गठित जांच समिति की रिपोर्ट में विद्यालय की प्रशासनिक एवं शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर कई शिकायतों का उल्लेख किया गया था। इनमें अनुशासन और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही, शिक्षकों-कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं के बीच आपसी सामंजस्य स्थापित करने में असफलता और विद्यालय की व्यवस्था से जुड़ी अन्य शिकायतें शामिल थीं।
आदेश में कहा गया है कि जांच समिति ने विद्यालय की प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार के लिए वर्तमान प्रभारी प्राचार्य को प्रभार से हटाने की अनुशंसा की थी। इसी के आधार पर महेश कुमार प्रजापति को प्रभारी प्राचार्य के दायित्व से मुक्त करते हुए दुललेश्वर सिंह को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, रघुनाथनगर के प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गौरतलब है कि विद्यालय में मध्य कक्षा के विद्यार्थियों को ‘संस्कार सरिता’ पुस्तक वितरित किए जाने के बाद अभिभावकों ने आपत्ति जताई थी। परिजनों ने शिकायत की थी कि बच्चों को पुस्तक पढ़कर आने के लिए कहा गया और इसे लेकर परीक्षा की बात भी सामने आई। मामले को लेकर शिक्षा विभाग से जांच की मांग की गई थी।

हालांकि, जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश में प्रभारी प्राचार्य को हटाने का आधार विद्यालय की प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों तथा जांच समिति की अनुशंसा को बताया गया है। आदेश में पुस्तक वितरण के मामले में किसी अलग दंडात्मक कार्रवाई का स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
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