
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। ऑफबीट न्यूज में प्रकाशित खबर का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। 22 जुलाई की देर रात ऑफबीट न्यूज ने प्रतिबंध के बावजूद रामानुजगंज शहर के भीतर से गुजर रहे भारी वाहनों की हकीकत सामने लाई थी। खबर प्रकाशित होने के बाद बलरामपुर यातायात पुलिस ने गुरुवार देर रात विशेष अभियान चलाते हुए नो-एंट्री का उल्लंघन करने वाले भारी वाहनों पर सख्त कार्रवाई की।
यातायात विभाग की टीम ने गुरुवार रात करीब 11 बजे से आज शुक्रवार सुबह 6 बजे तक रामानुजगंज के लरंगसाय चौक क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान शहर के प्रतिबंधित मार्ग में प्रवेश करने वाले ट्रक, पिकअप और अन्य वाहनों की जांच की गई। कार्रवाई के दौरान कुल 41 प्रकरण दर्ज किए गए और 98 हजार 600 रुपये का शमन शुल्क वसूला गया।
यातायात प्रभारी निरीक्षक विमलेश देवांगन ने बताया कि, अभियान के दौरान नो-एंट्री का उल्लंघन करने वाले 29 वाहनों पर 58 हजार रुपये का चालान किया गया। वहीं सीट बेल्ट नियम का पालन नहीं करने पर 2 प्रकरण में 1 हजार रुपये का चालान काटा गया। इसके अलावा अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन के 10 प्रकरणों में 39 हजार 600 रुपये का शमन शुल्क वसूला गया। इस तरह कुल 41 प्रकरणों में 98 हजार 600 रुपये की चालानी कार्रवाई की गई।
गौरतलब है कि 20 जुलाई को कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने आदेश जारी कर पहाड़ी मंदिर चौक, चांदनी चौक, लरंगसाय चौक होते हुए अंतर्राज्यीय कन्हर बैरियर मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बावजूद रात के समय लगातार भारी वाहन इसी मार्ग से गुजर रहे थे। ऑफबीट न्यूज ने 22 जुलाई की रात इस पूरे मामले को प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए आदेश की जमीनी हकीकत सामने रखी थी।
खबर सामने आने के बाद यातायात विभाग की यह कार्रवाई प्रशासन की सख्ती का संकेत मानी जा रही है। अभियान के दौरान कई ट्रक चालकों में हड़कंप की स्थिति रही और प्रतिबंधित मार्ग से गुजरने वाले भारी वाहनों की संख्या में भी कमी देखने को मिली।

यातायात प्रभारी निरीक्षक विमलेश देवांगन ने कहा कि, यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। नो-एंट्री और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी नियमित रूप से सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि कलेक्टर के आदेश का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके।
इसे भी पढ़ें……………
24 जुलाई का इतिहास, जानिए इस दिन किस भारतीय बेटी ने रचा था ऐसा इतिहास, जिस पर पूरे देश को हुआ गर्व

