
बलरामपुर। जामवंतपुर हायर सेकेंडरी स्कूल के 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों की किताबों और स्मार्ट क्लास से जुड़ी समस्या को लेकर प्रकाशित खबर का असर देखने को मिला है। विद्यार्थियों की समस्या को ऑफबीट न्यूज ने सबसे पहले प्रमुखता से उठाया था। खबर प्रकाशित होने के 24 घंटे के भीतर शिक्षा विभाग ने जांच टीम गठित कर विद्यालय भेजी। टीम ने बुधवार को स्कूल पहुंचकर विद्यार्थियों की शिकायतों और वहां की वास्तविक स्थिति की जांच की।
जामवंतपुर विद्यालय के विद्यार्थियों ने मंगलवार को रामानुजगंज डीईओ कार्यालय पहुंचकर हेल्थ केयर और कंस्ट्रक्शन विषय की किताबें नहीं मिलने, स्मार्ट क्लास का नियमित संचालन नहीं होने और परीक्षा शुल्क बढ़ने जैसी समस्याएं बताई थीं। विद्यार्थियों के प्रदर्शन की खबर ऑफबीट न्यूज ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने मामले की जांच के लिए टीम गठित की। विकासखंड शिक्षा अधिकारी और सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी आज बुधवार को जामवंतपुर विद्यालय पहुंचे और मौके पर पहुंचकर विद्यार्थियों से जुड़ी शिकायतों की वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया।
बलरामपुर डीपीआरओ से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, जांच में सामने आया कि विद्यालय में कक्षा 9वीं से व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके तहत कक्षा 10वीं में हेल्थ केयर और कंस्ट्रक्शन जैसे रोजगारोन्मुखी विषय पढ़ाए जा रहे हैं। इन विषयों की पुस्तकें राज्य पाठ्य पुस्तक निगम के माध्यम से नहीं, बल्कि संबंधित निजी कंपनी द्वारा उपलब्ध कराई जाती हैं।
विभाग के अनुसार, फिलहाल अध्यापन प्रभावित न हो, इसके लिए कंपनी की ओर से इन विषयों की पुस्तकों की पीडीएफ प्रति विद्यालय को उपलब्ध करा दी गई है। प्राचार्य को निर्देशित किया गया है कि पीडीएफ की प्रतियां निकालकर सभी विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाएं। वहीं मुद्रित पुस्तकें भी जल्द विद्यालय पहुंचाने की बात कही गई है।
स्मार्ट क्लास को लेकर भी बड़ा फैसला
जांच के दौरान स्मार्ट क्लास के संचालन को लेकर भी व्यवस्था में बदलाव के निर्देश दिए गए हैं। अब स्मार्ट क्लास को केवल कक्षा 11वीं और 12वीं तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसके लिए कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए रोस्टर तैयार किया जाएगा, जिसके अनुसार सभी कक्षाओं में डिजिटल माध्यम से अध्यापन कराया जाएगा।
इस व्यवस्था के लागू होने के बाद कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लास की सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
परीक्षा शुल्क बढ़ाने की शिकायत पर विभाग ने दी सफाई
विद्यार्थियों ने परीक्षा शुल्क में वृद्धि की शिकायत भी की थी। इस पर शिक्षा विभाग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि विद्यालय स्तर पर स्थानीय रूप से परीक्षा शुल्क में कोई वृद्धि नहीं की गई है। सत्र 2026-27 के लिए परीक्षा शुल्क छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा निर्धारित किया गया है।
24 घंटे में जांच, अब समाधान पर नजर
विद्यार्थियों की शिकायत सामने आने के बाद शिक्षा विभाग द्वारा 24 घंटे के भीतर जांच टीम को विद्यालय भेजना इस मामले का अहम पहलू रहा। विभाग ने विद्यार्थियों की किताबों, स्मार्ट क्लास और परीक्षा शुल्क से जुड़ी शिकायतों की स्थिति स्पष्ट की है और आवश्यक निर्देश भी जारी किए हैं।
अब विद्यार्थियों को मुद्रित किताबें कब तक मिलती हैं और कक्षा 9वीं से 12वीं तक स्मार्ट क्लास के लिए बनाया गया रोस्टर कितनी नियमितता से लागू होता है, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल शिकायत सामने आने के बाद विभाग की त्वरित कार्रवाई से विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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