
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू), लखनऊ के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सतीश कुमार को 41वें इंटरनेशनल मेडिकल साइंसेज अकादमी कॉन्फ्रेंस (IMSACON-2026) के दौरान प्रतिष्ठित FIMSA (फेलो ऑफ इंटरनेशनल मेडिकल साइंसेज अकादमी) फेलोशिप से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, वैज्ञानिक प्रकाशनों और रोगी सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया।
यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (जिपमर), पुडुचेरी में आयोजित हुआ, जिसमें भारत सहित कई देशों के वरिष्ठ चिकित्सकों, वैज्ञानिकों और चिकित्सा शिक्षकों ने भाग लिया।
चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य का मिला सम्मान
डॉ. सतीश कुमार पिछले 15 वर्षों से चिकित्सा शिक्षा, शोध और रोगी सेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। डायबिटीज, हृदय रोग और गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की रोकथाम उनके प्रमुख कार्यक्षेत्र हैं। उनके 40 से अधिक शोध पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अलावा वे केजीएमयू में स्नातकोत्तर (पीजी) छात्रों के मार्गदर्शक होने के साथ-साथ कई सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं में सलाहकार की भूमिका भी निभा रहे हैं।
आधुनिक चिकित्सा और एआई पर हुई चर्चा
सम्मेलन की अध्यक्षता डॉ. के. जगदीशन ने की। आयोजन समिति में प्रो. राकेश सिंह (ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन), डॉ. आर.के. ठुकराल (सेक्रेटरी जनरल), डॉ. राखी बिस्वास (ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी), डॉ. नोयल एम. जोसेफ (जॉइंट ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी) और प्रो. शन्मुगन जे. (IMSACON कोऑर्डिनेटर चेयरमैन) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सम्मेलन में चिकित्सा विज्ञान के नवीन शोध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का चिकित्सा क्षेत्र में उपयोग, आधुनिक उपचार पद्धतियां, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और चिकित्सा शिक्षा में नवाचार जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की।
बोले डॉ. सतीश कुमार
जवाहर नवोदय विद्यालय, अयोध्या के पूर्व छात्र डॉ. सतीश कुमार ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह सम्मान उनके गुरुजनों, सहकर्मियों और विद्यार्थियों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वे चिकित्सा अनुसंधान, गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और बेहतर रोगी सेवा के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।
डॉ. सतीश कुमार को मिले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान पर केजीएमयू परिवार, चिकित्सा समुदाय और उनके सहयोगियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

