
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। जिले के रामानुजगंज में पेट्रोल-डीजल की सीमित सप्लाई के चलते पंपों पर नियंत्रित बिक्री लागू कर दी गई है। जहां एक ओर उपभोक्ताओं और किसानों को परेशानी हो रही है, वहीं प्रशासन ने इस स्थिति से अनभिज्ञता जताते हुए जांच की बात कही है।
क्षेत्र में पेट्रोल-डीजल की अनियमित आपूर्ति ने अब स्थानीय स्तर पर ‘राशनिंग’ जैसी स्थिति पैदा कर दी है। पंप संचालक सीमित स्टॉक के चलते वाहन चालकों को निर्धारित राशि तक ही ईंधन दे रहे हैं, वहीं जर्किन (डिब्बे) में बिक्री पूरी तरह बंद कर दी गई है।
गोपालजी फ्यूल्स के संचालक अजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि, पंप पर स्टॉक तो है, लेकिन सीमित है। इसी कारण कारों में 1000 से 1500 रुपए और बाइक में 200 से 400 रुपए तक का ही पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है। जर्किन में ईंधन देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है, क्योंकि यह तय करना मुश्किल हो रहा है कि कौन किसान है और कौन जमाखोरी कर रहा है। आगे कहा, इस व्यवस्था से वास्तविक किसानों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि, सामान्यतः उनके पंप की खपत करीब 10 टैंकर प्रतिमाह है, लेकिन वर्तमान में 6 से 7 टैंकर ही मिल पा रहे हैं। इसी वजह से पंप संचालकों ने आपसी सहमति से सीमित वितरण की व्यवस्था लागू की है, ताकि पंप पूरी तरह खाली न हो जाएं।
उन्होंने कहा कि, एनएच-343 (रामानुजगंज-बलरामपुर) सड़क निर्माण कार्य पर भी इसका असर पड़ने लगा है। पहले जहां निर्माण के लिए लगभग 4000 लीटर ईंधन दिया जाता था, अब यह घटकर 1500 से 2000 लीटर रह गया है। यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो निर्माण कार्य प्रभावित होने की आशंका है।
वहीं, वार्ड क्रमांक-1 स्थित इंडियन पेट्रोल पंप के संचालक मनीष कुमार अग्रवाल ने बताया कि सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं है, लेकिन नियंत्रित रूप से मिल रही है। इसी कारण बाइक में 300 से 500 रुपए और कारों में 1500 से 2000 रुपए तक का ही पेट्रोल दिया जा रहा है। अधिक आवश्यकता होने पर ही अतिरिक्त ईंधन दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि डिब्बे में पेट्रोल देना फिलहाल बंद है, क्योंकि इससे रिजर्व स्टॉक पर दबाव बढ़ सकता है। वर्तमान में उनके पंप पर लगभग तीन दिनों का स्टॉक उपलब्ध है। कई बार एक पंप के ड्राई होने पर दूसरे पंपों पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे वहां भी ईंधन जल्दी खत्म हो जाता है। ऑयल कंपनियों द्वारा भी सप्लाई को नियंत्रित किया जा रहा है।
इस पूरे मामले में रामानुजगंज अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) आनंदराम नेताम ने कहा कि, जिले में पेट्रोल-डीजल सीमित किए जाने की कोई आधिकारिक जानकारी उन्हें नहीं है। अब तक किसी भी पंप संचालक ने ईंधन की कमी को लेकर प्रशासन को सूचना नहीं दी है।
उन्होंने कहा कि “आपके माध्यम से यह जानकारी मिली है, मामले को विधिवत संज्ञान में लेकर जांच की जाएगी।” साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि कलेक्टर के निर्देशानुसार किसानों को पेट्रोल-डीजल देने में बाधा नहीं होनी चाहिए और अभी तक किसानों को ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है।
पंप संचालकों और प्रशासन दोनों ने आम जनता से अपील की है कि अनावश्यक घबराहट में ईंधन का भंडारण न करें और जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल भरवाएं, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से सुविधा मिल सके।
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