
बलरामपुर। जिले के शंकरगढ़ जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत सिलफिली में करीब 20 लाख रुपये की लागत से बनाया गया चेकडैम निर्माण के महज छह महीने बाद ही टूटकर कई हिस्सों में बिखर गया। चेकडैम की मौजूदा स्थिति ने निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने मामले में जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, गर्मी के मौसम में पानी रोकने और जल संरक्षण के उद्देश्य से चेकडैम का निर्माण कराया गया था। निर्माण पूरा होने के करीब छह महीने बाद ही इसका बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर बह गया। अब चेकडैम करीब छह अलग-अलग हिस्सों में टूटा हुआ नजर आ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण लाखों रुपये की लागत से बना चेकडैम इतनी कम अवधि में क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने और जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मामले में जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि, जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है और शंकरगढ़ जनपद सीईओ को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि चेकडैम के क्षतिग्रस्त होने की वास्तविक वजह क्या रही और निर्माण कार्य में किसी तरह की अनियमितता हुई थी या नहीं।
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