
हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र स्थित कूद गांव में मंगलवार देर रात दर्दनाक हादसा हो गया। घर में महुआ सड़ाने के लिए बनाए गए बंद टैंक में जहरीली गैस भर जाने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति की हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, परिवार आर्थिक तंगी के कारण महुआ से जुड़ा काम करता था। इसी काम के लिए घर के आंगन में हाल ही में एक अंडरग्राउंड टैंक बनाया गया था, जिसमें महुआ रखा गया था। लंबे समय तक टैंक बंद रहने से उसके भीतर जहरीली गैस जमा हो गई थी और ऑक्सीजन की कमी हो गई थी। परिवार के लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी।
मंगलवार रात बड़की देवी (50) टैंक की स्थिति देखने के लिए अंदर उतरीं। नीचे जाते ही जहरीली गैस की चपेट में आने से वह अचेत हो गईं। काफी देर तक कोई आवाज नहीं आने पर उनके देवर महेंद्र साव (45) उन्हें बचाने के लिए टैंक में उतरे, लेकिन वह भी बेहोश हो गए। इसके बाद बड़की देवी का बेटा रवि कुमार (25) दोनों को निकालने के लिए अंदर गया, मगर वह भी गैस की चपेट में आ गया। परिवार के तीन लोगों को अंदर फंसा देख आनंद साव (55) भी उन्हें बचाने नीचे उतरे और अचेत हो गए।
घर से कोई हलचल नहीं होने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला। तब तक बड़की देवी, महेंद्र साव और रवि कुमार की मौत हो चुकी थी। वहीं आनंद साव को गंभीर हालत में शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, हजारीबाग में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही कटकमदाग थाना प्रभारी सरोज चौधरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद पूरे कूद गांव में शोक का माहौल है।
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