
पलामू। जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर लालगंज में सुपारी लेकर हत्या करने से पहले अपराधी हसन अली की हत्या कर दी गई। 18 अक्टूबर को हुए इस हत्याकांड का शनिवार को उद्भेदन हुआ। पुलिस ने हत्या में शामिल तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से हत्या में इस्तेमाल एक देसी कट्टा, एक देसी पिस्टल, तीन गोली, बाइक और मोबाइल फोन बरामद किया है।
एसपी रीष्मा रमेशन ने शनिवार को कार्यालय सभागार में पत्रकारों को बताया कि हसन अली ने शाहपुर के एकराम कुरैशी की हत्या करने के लिए पांच लाख रूपए की सुपारी ली थी। ढाई लाख रुपये उसने एडवांस में लिया था। जमीन विवाद में एकराम की हत्या की सुपारी दी गई थी।
सुपारी लेकर हत्या करने की जानकारी एकराम के भतीजे इजहार और सद्दाम को मिल गई थी। दोनों ने हसन अली की रेकी की। रेकी करते हुए जानकारी हुई कि हर दिन हसन चैनपुर के पठान टोला से निकलकर अस्पताल चौक आता है। घटना वाले दिन हसन अली अपने साथी विनय अग्रवाल के साथ शाहपुर आया था। अभियुक्त मोबारक ने अन्य चार-पांच अज्ञात लोगों के साथ हसन अली को रोक लिया और मारपीट करने लगा। इसी बीच अभियुक्त इजहार खान और सद्दाम अंसारी हसन अली को बाइक पर बीच में बैठाकर लालगंज ले गया और अलग-अलग हथियार से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।
एसपी ने बताया कि 24 अक्टूबर को गुप्त सूचना मिली कि हसन अली हत्याकांड के दो आरोपित इजहार खान, सद्दाम अंसारी बाइक से गढवा से शाहपुर की ओर आ रहे हैं। मंगरदाहा घाटी में दोनों को रोककर तलाशी ली गयी तो उनके पास से हथियार और गोली बरामद हुई। पूछताछ में दोनों ने हत्याकांड में अपना अपराध स्वीकार किया।
एसपी ने कहा कि अभियुक्त इजहार और सद्दाम के अलावा और मुबारक अंसारी की गिरफ्तारी हुई है। सुपारी देने वाले के खिलाफ जांच की जा रही है। मृतक हसन अली का आपराधिक इतिहास रहा है। जेल भी गया था। कांड के आरोपित सद्दाम एवं मोबारक अंसारी के खिलाफ भी चैनपुर थाना में मामला दर्ज है।
कार्रवाई करनेवाली टीम में चैनपुर थाना प्रभारी श्रीराम शर्मा, अनुसंधानकर्ता बाबूलाल दुबे, रंजीत बिलुंग, अनिल विद्यार्थी शामिल थे।
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