
जीपीएम। छत्तीसगढ़ में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक और तस्वीर सामने आई है। गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले के एक आदिवासी गांव में सामाजिक ठेकेदार बन बैठे लोगों ने प्रेम संबंध के शक में एक बेसहारा विधवा महिला को ऐसी सजा दी, जिसे सुनकर रूह कांप जाए। महिला को भीड़ के बीच अपमानित किया गया, बेरहमी से पीटा गया और पूरे गांव में घुमाकर सार्वजनिक तमाशा बनाया गया। इस अमानवीय कृत्य का वीडियो अब सोशल मीडिया पर उबाल ला रहा है।
प्रेम संबंध के शक में टूट पड़ी भीड़, कानून को हाथ में लिया
यह सनसनीखेज घटना पेंड्रा थाना क्षेत्र की खोडरी चौकी अंतर्गत एक गांव की है, जहां सुबह के समय अचानक माहौल हिंसक हो गया। आरोप है कि गांव के एक शादीशुदा व्यक्ति के साथ विधवा महिला के संबंध को लेकर उसके परिवार में गुस्सा लंबे समय से सुलग रहा था। जैसे ही महिला गांव लौटी, आरोपी पक्ष ने पंचायत या पुलिस का रास्ता अपनाने की बजाय खुद फैसला सुनाना शुरू कर दिया।
पति की मौत के बाद जुड़ा रिश्ता बना हिंसा की वजह
बताया जा रहा है कि पीड़ित महिला के पति का करीब एक वर्ष पहले निधन हो चुका था। इसके बाद उसका संपर्क गांव के ही एक विवाहित युवक से हुआ। दोनों कुछ समय पहले गांव छोड़कर बाहर चले गए थे और हाल ही में वापस लौटे थे। गांव आने के बाद मामला थाने तक पहुंचा, जहां महिला ने युवक के साथ रहने की बात कही थी। इसके बाद सभी लोग गांव लौट आए, लेकिन यह वापसी महिला के लिए खौफनाक साबित हुई।
सुबह होते ही शुरू हुआ उत्पात, मंदिर तक घसीट ले गए आरोपी
अगले दिन सुबह गांव में युवक की पत्नी, रिश्तेदार और अन्य लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने महिला को घर से खींचकर बाहर निकाला, मारपीट की और उसके कपड़े उतार दिए। महिला को अर्धनग्न हालत में गलियों से घुमाया गया। आरोपियों ने उसे अपमानित करने के लिए उसके चेहरे पर गंदगी पोती और पीटते हुए गांव के प्रमुख मार्ग से होते हुए मंदिर तक ले गए।
ग्रामीणों ने दिखाई हिम्मत, महिला की बचाई जान
घटना की भयावहता देख कुछ ग्रामीणों और पीड़िता के परिजनों ने साहस दिखाया और बीच-बचाव किया। उन्होंने महिला को ढकने के लिए कपड़े दिए और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घायल अवस्था में महिला को अपने साथ लेकर गई।
तीन आरोपी हिरासत में, बाद में मिली जमानत
पुलिस ने इस मामले में युवक की पत्नी समेत उसके भाई और बहन को आरोपी बनाया है। तीनों को गिरफ्तार किया गया, हालांकि बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और वीडियो फुटेज को साक्ष्य के तौर पर शामिल किया गया है।
सवालों के घेरे में समाज और सिस्टम
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर प्रेम संबंधों के नाम पर महिलाओं को भीड़ की सजा देने का अधिकार किसने दिया? एक विधवा महिला को कानून से पहले अपराधी मानकर सरेआम जलील करना न सिर्फ अपराध है, बल्कि समाज की सोच पर भी बड़ा धब्बा है।
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