
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक महिला के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। शरीर पर अत्याचार की भयावहता ऐसी थी कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने भी डॉक्टरों को स्तब्ध कर दिया। घटना के बाद से पूरे इलाके में आक्रोश है, जबकि पुलिस आरोपित की तलाश में जुटी है।
अंबिकापुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में महामाया प्रवेश द्वार के पास रिंग रोड किनारे शुक्रवार सुबह एक महिला का खून से सना शव मिलने से सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
मौके पर पहुंची टीम में जिसमें एसएसपी राजेश अग्रवाल, एएसपी अमोलक सिंह, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और डॉग स्क्वॉड शामिल थे। जांच मेंं उन्हाने पाया कि, महिला का सिर बुरी तरह कुचला गया था और गले पर धारदार हथियार के निशान थे। घटनास्थल पर खून फैला हुआ था, जो वारदात की क्रूरता बयां कर रहा था।
पोस्टमॉर्टम करने वाले मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक विभाग के डॉ. संटू बाग ने आज रविवार काे मीडिया काे बताया कि, महिला के सीने की 12 पसलियां पूरी तरह टूट गई थी। पसली की हड्डियों के कई टुकड़े हो गए थे। इससे महिला का फेफड़ा और दिल फट गया था।

इसके अलावा सिर में भी 3 जगह गंभीर चोट आई है। सिर की तीन हड्डियां टूटी हुई थीं। गले को भी दबाया गया है। जिस तरह के चोट दिखाई पड़े हैं, उससे संभावना है कि उसके सीने पर चढ़कर काफी दबाव दिया गया है। शुरुआती रिपोर्ट में महिला से दुष्कर्म की बात सामने आई है। पुष्टि के लिए बिसरा जांच के लिए भेजा गया है।
जांच के दौरान पुलिस को महिला के साथ हुई बर्बरता का एक और भयावह पहलू सामने आया। उसके प्राइवेट पार्ट में प्लास्टिक की बोतल डाली गई थी। साथ ही पहचान छिपाने के लिए चेहरा भी बुरी तरह कुचल दिया गया।
सीसीटीवी में कैद हुआ आरोपित
घटना के बाद स्थानीय पुलिस हरकत में आई और आसपास लगे सीसीटीवी खंगालने लगी। पुलिस काे कैमरों से अहम सुराग मिले हैं। फुटेज में महिला और एक युवक रात करीब 1 बजे घटनास्थल की ओर जाते दिख रहे हैं। महिला युवक के कंधे पर हाथ रखे हुए नजर आई। एक फुटेज में आरोपित का चेहरा स्पष्ट दिखाई दिया, जिसकी पहचान पांडा उर्फ मिथुन के रूप में हुई है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
पीड़िता का जीवन संघर्षों से भरा रहा
जांच में सामने आया कि, मृतका की उम्र करीब 45 वर्ष थी। लगभग 10 साल पहले उसके पति की मौत हो चुकी थी। इसके बाद वह अलग रहकर जीवन यापन कर रही थी। गंगापुर इलाके में किराए के घर में उसका 25 वर्षीय बेटा रहता है। बताया जा रहा है कि महिला कबाड़ बीनने का काम करती थी और अक्सर महीनों तक घर नहीं जाती थी। जब भी जाती, उसके साथ उसका प्रेमी भी होता था, जो खुद को “पुष्पा” बताता था और अजीब व्यवहार करता था। नशे की लत के कारण बेटे ने भी उससे दूरी बना ली थी।

संस्था ने कराया अंतिम संस्कार
महिला का बेटा अकेला होने के कारण पुलिस ने “अनोखी सोच” संस्था से संपर्क किया। संस्था के सदस्यों ने शनिवार को गंगापुर मुक्तिधाम में महिला का अंतिम संस्कार कराया।
सियासी प्रतिक्रिया और जनआक्रोश
इस घटना पर पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि, अंबिकापुर की एक बेटी के साथ दुष्कर्म और उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। यह हैवानियत दिल्ली के निर्भया कांड की तरह दिल दहला देने वाली है। क्रोध भी है, पीड़ा भी है, और एक गहरा सवाल भी क्या हमारी बेटियां अब सड़कों पर भी सुरक्षित नहीं? उन्होंने आरोपित की तत्काल गिरफ्तारी और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों के लिए मृत्युदंड जैसी सख्त सजा दी जानी चाहिए। वहीं, सरगुजा जिला महिला कांग्रेस ने इस घटना के विरोध में आज रविवार काे प्रदर्शन किया। 11 मीटर लंबी सफेद साड़ी पर हस्ताक्षर अभियान चलाकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया गया है।
जिलाध्यक्ष सीमा सोनी ने आज कहा कि, साड़ी भारतीय महिलाओं के लिए केवल परिधान नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक है। सरगुजा की बिगड़ती कानून व्यवस्था इस सम्मान को आहत कर रही है, इसलिए इसे प्रतीक बनाकर विरोध दर्ज कराया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि, यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता भी पैदा करती है। पुलिस के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती आरोपित को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर न्याय सुनिश्चित करना है।
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