
बलरामपुर। कुसमी विकासखंड के ग्राम बैरडीह–आसनपानी से सामने आया एक मामला न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था की साख पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि गांव की महिलाओं और मासूम बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर रहा है। प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक बीरबल यादव पर महिलाओं से अश्लील व्यवहार, अभद्र भाषा के प्रयोग और स्कूली बच्चों के साथ मारपीट जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। आरोपों के बाद पूरे गांव में आक्रोश का माहौल है और ग्रामीण एकजुट होकर आरोपी शिक्षक को तत्काल हटाने की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त शिक्षक आए दिन महिलाओं को रास्ते में रोककर आपत्तिजनक टिप्पणियां करता है और अशोभनीय हरकतें करता है। इससे गांव की महिलाएं और किशोरियां खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। मामला केवल सामाजिक दायरे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर सीधे स्कूल और बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है।
महिलाओं ने लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीण महिलाओं ने अपने बयान में बताया कि शिक्षक लगातार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करता है और आपत्तिजनक बातें कहता है। वहीं विद्यालय से जुड़ी शिकायतों में यह भी सामने आया है कि शिक्षक बच्चों के साथ गाली-गलौज करता है, शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता है और गला दबाने जैसी हरकतें करता है। कुछ परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि शिक्षक बच्चों को टांगी से मारने की धमकी देता है, जिससे बच्चों में भय का माहौल बना हुआ है।
वीडियो साक्ष्य का दावा
गांव के आदिवासी ग्रामीण कर्मदेव ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि शिक्षक की आपत्तिजनक हरकतों का वीडियो साक्ष्य भी मौजूद है। उन्होंने बताया कि वीडियो में महिलाओं के साथ शिक्षक का अश्लील व्यवहार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। कर्मदेव के अनुसार, गांव के सभी लोग एकमत होकर यह मांग कर रहे हैं कि आरोपी शिक्षक को तत्काल विद्यालय और गांव से हटाया जाए।
सर्व आदिवासी समाज की दखल
मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्व आदिवासी समाज के ब्लॉक अध्यक्ष सुनील नाग गांव पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा कर पूरी जानकारी ली।
सुनील नाग ने बताया कि उन्हें भी एक वीडियो प्राप्त हुआ है, जिसमें शिक्षक द्वारा महिला के साथ अशोभनीय व्यवहार किया जाना दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के आवेदन के आधार पर वे संबंधित अधिकारियों से मिलकर आरोपी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे।
शिक्षा विभाग ने दिए जांच के निर्देश
पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी, बलरामपुर ने प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि वीडियो के माध्यम से उन्हें प्रकरण की जानकारी मिली है। उन्होंने तत्काल कुसमी विकासखंड शिक्षा अधिकारी को जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों की साफ मांग
फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों की एक ही मांग है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आरोपी शिक्षक को तुरंत हटाया जाए, ताकि गांव में भय का माहौल समाप्त हो और बच्चे निडर होकर अपनी पढ़ाई कर सकें।
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