
बलरामपुर। बलरामपुर जिले के रामानुजगंज थाना क्षेत्र में दुष्कर्म के गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में पीड़िता द्वारा विवाह का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने तथा बाद में जबरन संपर्क का प्रयास करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 02 जनवरी 2026 को पीड़िता द्वारा थाना रामानुजगंज में उपस्थित होकर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पीड़िता ने बताया कि उसकी जान पहचान का युवक उमेश सिंह, पिता भागी सिंह, उम्र 30 वर्ष, निवासी गम्हरिया, चौकी विजयनगर, जिला बलरामपुर रामानुजगंज, ने उसे विवाह का झांसा देकर दिनांक 27 अक्टूबर 2025 की रात उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
पीड़िता के अनुसार इसके बाद भी आरोपित अलग अलग अवसरों पर मौका देखकर उसके साथ संबंध बनाता रहा। वहीं 01 जनवरी 2026 को रामानुजगंज बस स्टैंड के पास आरोपित द्वारा जबरन बातचीत करने का प्रयास किया गया, किंतु पीड़िता के पति के मौके पर पहुंचने पर वह वहां से फरार हो गया।

पीड़िता के आवेदन पर थाना रामानुजगंज में अपराध क्रमांक 04/2026 धारा 64 एवं 64 2 एम भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान आरोपित के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
उक्त कार्रवाई में थाना रामानुजगंज के उप निरीक्षक निर्मल राजवाड़े, उप निरीक्षक बृजमोहन गुप्ता, महिला प्रधान आरक्षक मनीषा तिग्गा तथा महिला आरक्षक जगरानी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
ये भी पढ़िए………
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को मिली जमानत
