रांची। झारखंड के प्रख्यात शिक्षाविद, शोधकर्ता एवं प्रशासक प्रो. डॉ. बिमल कुमार मिश्रा ने एक बार फिर भारत को वैश्विक मंच पर गौरवान्वित किया है। स्मार्ट भवनों के लिए विकसित उनके नवाचारी “IoT एवं BIM आधारित नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण उपकरण” के डिज़ाइन को यूनाइटेड किंगडम के इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑफिस (UK Intellectual Property Office) से डिज़ाइन पेटेंट प्रदान किया गया है। यह उनका दसवां पेटेंट है, जो स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, हरित ऊर्जा और डिजिटल तकनीकों के क्षेत्र में उनके निरंतर एवं सार्थक नवाचार को रेखांकित करता है।
इस पेटेंट का मूल उद्देश्य स्मार्ट भवनों में सौर ऊर्जा सहित अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को IoT सेंसर एवं BIM (Building Information Modeling) आधारित डिजिटल ट्विन तकनीक से एकीकृत करना है। यह प्रणाली वास्तविक समय में प्राप्त डेटा के माध्यम से ऊर्जा उत्पादन, भंडारण एवं उपभोग का बुद्धिमत्तापूर्ण प्रबंधन करती है, जिससे ऊर्जा दक्षता, पर्यावरणीय स्थिरता और संचालन की विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि संभव हो पाती है।

प्रो. डॉ. बिमल कुमार मिश्रा वर्तमान में विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हज़ारीबाग से संबद्ध आदर्श कॉलेज, राजधनवार (गिरिडीह) के प्राचार्य के रूप में कार्यरत हैं। इससे पूर्व वे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे BITS पिलानी एवं BIT मेसरा में दीर्घ अवधि तक महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं प्रशासनिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर चुके हैं।
उन्होंने गणित एवं ऑपरेशनल रिसर्च में स्नातकोत्तर उपाधियाँ प्राप्त करने के साथ-साथ पीएच.डी. एवं डी.एससी. जैसी सर्वोच्च शैक्षणिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उनका शोध एवं नवाचार कार्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक मान्यता प्राप्त कर चुका है। वे अब तक 140 से अधिक शोधपत्र प्रकाशित कर चुके हैं तथा अनेक शोधार्थियों का मार्गदर्शन कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त, वे देश-विदेश के विभिन्न शैक्षणिक, शोध एवं प्रशासनिक मंचों पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
यूनाइटेड किंगडम से प्राप्त यह डिज़ाइन पेटेंट न केवल प्रो. डॉ. मिश्रा की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारत के लिए स्मार्ट भवन एवं नवीकरणीय ऊर्जा तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि के रूप में भी देखा जा रहा है।
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