
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में भी देखने को मिल रहा है। पीवी ऐप के इस्तेमाल में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों, पदोन्नति और वेतन विसंगति सहित विभिन्न लंबित मांगों को लेकर राजस्व पटवारी संघ के सदस्य आंदोलन कर रहे हैं। पटवारियों के हड़ताल पर रहने से राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित हो रहा है। इस बीच रामानुजगंज और वाड्रफनगर के अनुविभागीय अधिकारियों ने अपने-अपने अनुभाग के पटवारियों को नोटिस जारी किए हैं।
पटवारियों का कहना है कि खरीफ फसल की गिरदावरी के दौरान पीवी ऐप के उपयोग में कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रही हैं। संघ इन कठिनाइयों को दूर करने और व्यवस्था को जमीनी परिस्थितियों के अनुरूप बनाने की मांग कर रहा है। इसके साथ ही लंबे समय से लंबित पदोन्नति और वेतन संबंधी मुद्दों का निराकरण भी आंदोलन का प्रमुख हिस्सा है।
पीवी ऐप की दिक्कतों को दूर करने की मांग
राजस्व पटवारी संघ के प्रांतीय प्रवक्ता विनय पांडेय ने कहा कि वर्तमान में खरीफ फसल की गिरदावरी का काम चल रहा है। ऐसे समय में पीवी ऐप के इस्तेमाल से जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयों के कारण पटवारियों को परेशानी हो रही है। संघ इन समस्याओं की ओर शासन का ध्यान आकर्षित करना चाहता है, ताकि ऐप की खामियों को दूर कर गिरदावरी का काम सुचारु रूप से किया जा सके।
उन्होंने कहा कि आंदोलन के माध्यम से किसानों को भी इस व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के बारे में अवगत कराने का प्रयास किया जा रहा है। संघ का मानना है कि यदि इन व्यावहारिक पहलुओं पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में राजस्व संबंधी कार्यों में और कठिनाइयां आ सकती हैं।
तीन लाख से अधिक खसरों की गिरदावरी बाकी होने का दावा
राजस्व पटवारी संघ के जिला संरक्षक सदस्य चंचल मिरी ने बताया कि जिले में अब तक तीन लाख से अधिक खसरों की गिरदावरी नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि पटवारियों की पदोन्नति और वेतन विसंगति से जुड़ी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। वर्ष 2017 से राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नति सहित अन्य मांगों को लेकर संघ अपनी बात रखता आ रहा है। इन समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण पटवारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
हड़ताल में ये पटवारी शामिल
जिले में जारी आंदोलन में कृष्ण कुमार सिंह, विनय पांडेय, चंचल कुमार मिरी, रमेश यादव, कन्हाई गुप्ता, बंधन सिंह, देवकुमार सिंह, सुनील अग्रवाल, साधु बिना भगत, अनामिका सिंह, रामप्यारे लाल नाग और दिलीप सिंगरामे सहित अन्य पटवारी शामिल रहे।
पटवारियों की हड़ताल के बीच राजस्व कार्यों पर असर पड़ने से आम लोगों को भी संबंधित सेवाओं के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। अब आंदोलन को लेकर शासन स्तर पर होने वाली पहल और पटवारियों की मांगों पर निर्णय महत्वपूर्ण होगा।
इसे भी पढ़ें………

