
बलरामपुर। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक गौ माता के लिए छत्तीसगढ़ हेल्प वेलफेयर सोसाइटी की त्वरित पहल जीवनदायिनी साबित हुई। रामानुजगंज के वार्ड क्रमांक 3 में हादसे के बाद दर्द से तड़प रही गाय की सूचना मिलते ही संस्था के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और पशु चिकित्सा विभाग से संपर्क कर तत्काल उपचार की व्यवस्था कराई। समय पर इलाज मिलने से गौ माता की जान बचाई जा सकी।
रामानुजगंज नगर के वार्ड क्रमांक 3 में अज्ञात वाहन की टक्कर से एक गाय गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद गाय सड़क किनारे तड़पती रही। आसपास के लोगों ने इसकी सूचना छत्तीसगढ़ हेल्प वेलफेयर सोसाइटी के पदाधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही संस्था के कार्यकर्ता आकाश तिवारी, उमेश कुशवाहा और दीपक गिरी बिना देरी किए घटनास्थल पर पहुंचे और घायल गौ माता की हालत का जायजा लिया।
गाय की गंभीर स्थिति को देखते हुए कार्यकर्ताओं ने तत्काल प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम के सहायक तथा पशु चिकित्सा विभाग के चिकित्सक डॉ. देवेंद्र को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पशु चिकित्सा विभाग ने तत्परता दिखाते हुए बलरामपुर से मेडिकल टीम को मौके पर रवाना किया।
मेडिकल टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर घायल गौ माता का प्राथमिक उपचार किया और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराईं। चिकित्सकों की निगरानी में इलाज शुरू होने के बाद उसकी स्थिति में सुधार बताया गया। स्थानीय लोगों ने भी उपचार के दौरान सहयोग किया।
संस्था के कार्यकर्ता आकाश तिवारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ हेल्प वेलफेयर सोसाइटी लगातार समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही है। गौ सेवा के साथ-साथ संस्था जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने, बेसहारा लोगों की सहायता करने और विभिन्न सामाजिक कार्यों में भी लगातार योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य हर जरूरतमंद तक समय पर मदद पहुंचाना है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने संस्था के कार्यकर्ताओं, पशु चिकित्सा विभाग और सहयोग करने वाले सभी लोगों की सराहना की। लोगों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने से एक बेजुबान की जान बच सकी, जो मानवता की मिसाल है।
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